खेल महाकुम्भ-2026 में देहरादून का दबदबा, CM धामी ने सौंपी चैम्पियनशिप ट्रॉफी; खिलाड़ियों को मिलेंगे 11.30 करोड़ रुपये

देहरादून | 1 नवंबर 2026

उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 का समापन हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित समारोह में विजेता जनपद देहरादून को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी और 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। इस वर्ष प्रतियोगिता में प्रदेश के 3 लाख 35 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। वहीं, खिलाड़ियों को लगभग 11.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि DBT के माध्यम से दी जा रही है।

🏆 देहरादून ने जीती मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी

रविवार को आयोजित समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता जनपद देहरादून को चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही जनपद को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी दी गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से जुड़े meroyuva.in पोर्टल का विमोचन किया। समारोह के दौरान खिलाड़ियों ने मलखम्ब और आर्टिस्टिक योग का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा दिखाई। मुख्यमंत्री ने सभी विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

📈 पिछले साल से बढ़ी खिलाड़ियों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुम्भ की शुरुआत वर्ष 2017 में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के उद्देश्य से की गई थी। इस आयोजन के जरिए ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिन्हें अक्सर संसाधनों और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है।

इस बार खेल महाकुम्भ में 3 लाख 35 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 2 लाख 20 हजार थी। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी को मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का संकेत बताया।

इस वर्ष 1 सितंबर को चम्पावत जिले के टनकपुर से शुरू हुई प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से होते हुए राज्य स्तर तक पहुंचीं।

💰 खिलाड़ियों के खातों में पहुंचेंगे 11.30 करोड़ रुपये

खेल महाकुम्भ के दौरान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने पुरस्कार राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष लगभग 11 करोड़ 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के तहत प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर कुल 32 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत सरकारी सीधी भर्ती के पदों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

🇮🇳 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है। उत्तराखंड सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है।

उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि खेल महाकुम्भ से सामने आने वाली नई प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल में हार और जीत दोनों स्वाभाविक हैं। इस बार पदक हासिल नहीं कर सके खिलाड़ियों को निराश होने के बजाय अपनी तैयारी और मेहनत जारी रखनी चाहिए।

🏅 खेल सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति तथा खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।

इसके अलावा प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। लोहाघाट में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन शुरू हो चुका है। राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

समारोह में मुख्यमंत्री ने खेल महाकुम्भ के सफल आयोजन के लिए युवा कल्याण एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, प्रान्तीय रक्षक दल के जवानों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार जताया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखण्ड युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा और युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल की निदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।