उत्तराखंड के युवा भविष्य और पहाड़ों की तरक्की की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उद्योग विभाग की “गेमचेंजर योजनाओं” की बारीकी से समीक्षा की। मुख्यमंत्री का फोकस साफ़ था—निवेश केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर दिखाई दे।
🧭 “अब वक्त है वादों को हकीकत में बदलने का”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन्वेस्टर्स समिट में मिले निवेश प्रस्तावों की तेज़ी से ग्राउंडिंग की जाए। साथ ही निवेशकों की सहूलियतों को प्राथमिकता देने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने शीर्ष 50 निवेशकों से नियमित व्यक्तिगत संवाद बनाए रखने को कहा और प्रत्येक निवेशक को एक “निवेश मित्र” सौंपे जाने की बात भी रखी।
🔧 ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बनाया जाएगा और सरल
सीएम धामी ने उद्यम रजिस्ट्रेशन से लेकर ज़मीन आवंटन तक की प्रक्रिया को लगातार मॉनिटर करने और सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक यूजर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए।
🚀 स्वरोजगार और स्टार्टअप्स की नब्ज़ पर मुख्यमंत्री की नज़र
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीएम स्वरोजगार योजना को और अधिक विस्तार दिया जाए। अब तक इस योजना से लगभग 35,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं, लेकिन लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है।
साथ ही, पर्वतीय जिलों में हैंडलूम, होमस्टे, और एग्रो-बेस्ड लघु उद्योगों को नई उड़ान देने और स्टार्टअप पॉलिसी को उद्योग विभाग से जोड़कर यूथ इनक्यूबेशन सेंटर खोलने की बात भी प्रमुखता से रखी।
📦 एक्सपोर्ट नीति पर भी मुख्यमंत्री की विशेष दृष्टि
राज्य में बनाए जा रहे उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुँचाने के लिए एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत निर्यात को बढ़ावा देने और इससे जुड़े लोगों को प्रोत्साहन देने के भी निर्देश दिए।
🏭 उत्तराखंड का भविष्य: वर्ल्ड-क्लास इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के तहत खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ क्षेत्र में एक वर्ल्ड-क्लास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बन रहा है।
💰 1265 करोड़ रुपये की इस परियोजना से करीब 22,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 207 करोड़ रुपये की पहली किश्त पहले ही जारी कर दी है।
🔧 हरिद्वार, पंतनगर और सेलाकुई में उद्योग के नए केंद्र
हरिद्वार में 280 यूनिट्स, पंतनगर में 18 यूनिट्स, और सेलाकुई में 12 यूनिट्स वाली फ्लैटेड फैक्ट्रीज़ का निर्माण तेजी से हो रहा है, जो राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई दिशा देगा।
🧑💼 इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर समेत उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









