देहरादून। उत्तराखंड की जनता के लिए एक बड़ी सौग़ात 🎯—अब राज्य में बनने जा रहा है हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC), जो किसी भी स्वास्थ्य आपदा की घड़ी में तुरंत और समन्वित प्रतिक्रिया देने का काम करेगा। यह कदम प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत केंद्र सरकार ने उठाया है, जिसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मज़बूती देने वाला ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।
👉 केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस सेंटर की स्थापना को हरी झंडी देते हुए स्पष्ट किया है कि इसके संचालन के लिए कुल नौ संविदा पदों को मंज़ूरी दी गई है। इनमें वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, डेटा विश्लेषक, हब इंजीनियर से लेकर डेटा एंट्री ऑपरेटर तक शामिल होंगे। इन विशेषज्ञों की नियुक्ति के बाद HEOC राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन प्रणाली की रीढ़ बनकर खड़ा होगा।
💰 वित्तीय ढांचा भी तय—PM-ABHIM परियोजना की अवधि (2021–26) तक HEOC को केंद्र से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उसके बाद आगे की निरंतरता पर अलग से योजना तय की जाएगी। निधि हस्तांतरण के लिए सेंटर के नाम से एक अलग बैंक खाता खोला जाएगा और राज्य सरकार को नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे “उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार का बड़ा तोहफ़ा” बताया। उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पहल राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता को कई गुना मज़बूत करेगी। आपात स्थिति में समय पर और संगठित कार्रवाई अब संभव हो सकेगी। मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने भी भरोसा जताया कि यह सेंटर न केवल त्वरित प्रतिक्रिया देगा बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा। “जनता को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य आपातकालीन स्थितियों में भ्रम की जगह सुनियोजित कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा।
🌍 राष्ट्रीय स्तर पर भी इस पहल को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। देशभर में स्थापित हो रहे HEOCs, भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को नई मज़बूती देंगे।










