देहरादून | 8 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में सरकारी खरीद प्रक्रिया में गुणवत्ता मानकों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए कि प्रोक्योरमेंट के दौरान निर्धारित नियमों के साथ-साथ संबंधित BIS और गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता प्रबंधन मजबूत करने, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स पर जागरूकता बढ़ाने और विभागीय स्तर पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। 📢
सरकारी खरीद में गुणवत्ता से समझौता नहीं
सचिवालय में बुधवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से संबंधित राज्य स्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें राज्य में मानकीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन और उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी खरीद में केवल निर्धारित प्रोक्योरमेंट रूल्स ही नहीं, बल्कि संबंधित BIS मानकों और गुणवत्ता मानकों का भी प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इसके लिए BIS को संबंधित विभागों के साथ कार्यशालाएं आयोजित करने और आवश्यक एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए।
क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर 🎯
बैठक में Quality Control Orders (QCOs) को लेकर अधिकारियों, उद्योगों और कारोबारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने BIS को विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इनमें BIS विशेषज्ञ और सक्षम रिसोर्स पर्सन शामिल होंगे, ताकि प्रतिभागियों को मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और उनके अनुपालन की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि Capacity Building को एक निरंतर प्रक्रिया के तौर पर आगे बढ़ाने की जरूरत है।
जिलों तक पहुंचाई जाए BIS से जुड़ी जानकारी
मुख्य सचिव ने BIS से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों और सूचनाओं को सभी संबंधित विभागों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित सचिवों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि मानकों के क्रियान्वयन में विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सके।
उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ होने वाली BIS की बैठकों में भी प्रस्तुतिकरण किए जाने की बात कही, जिससे इन विषयों को जनपद स्तर पर भी प्राथमिकता मिल सके।
BIS CARE ऐप के प्रचार पर जोर 📱
बैठक में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने BIS CARE ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि इस ऐप के जरिए उपभोक्ता कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर सकते हैं। इनमें उत्पादों पर दर्ज ISI Mark और लाइसेंस नंबर की सत्यता, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के R-Number और सोने के आभूषणों पर दर्ज HUID Number का सत्यापन शामिल है।
इसके अलावा ऐप के माध्यम से भारतीय मानकों से जुड़ी जानकारी, BIS कार्यालयों और प्रयोगशालाओं का विवरण भी देखा जा सकता है। मानकों के उल्लंघन, नकली ISI Mark या अन्य अनियमितताओं को लेकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, BIS के उपमहानिदेशक नॉर्थ दीपक कुमार सिंघला, निदेशक एवं DHBO हेमंत बी. अदे, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, रुचि मोहन रयाल, झरना कामठान, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड से पंकज गुप्ता, सीसीआईआर-सीबीआरआई रुड़की से डॉ. नवल किशोर बंजारा और आईआईटी रुड़की से डॉ. आशुतोष शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।









