उत्तराखंड को मिला पहला “साथी केंद्र”, सीएम धामी ने किया खटीमा से शुभारंभ

खटीमा की शिक्षा नगरी सोमवार को इतिहास रचते हुए गवाह बनी, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पहले “साथी केंद्र” का शुभारंभ किया। यह केंद्र हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्थापित हुआ है, जिसे आईआईटी कानपुर के सहयोग से शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा की गुणवत्ता से तय होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी, जिसका असर अब ग्रामीण अंचलों तक पहुँच रहा है।

🎓 विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस केंद्र से आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर ऑनलाइन क्लास के ज़रिए छात्रों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, रेलवे और CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाएंगे। साथ ही, 80 छात्रों को ऑफलाइन कोचिंग और मेंटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
सीएम ने बताया कि अब तक पूरे देश में 15 लाख से ज्यादा विद्यार्थी प्रोजेक्ट साथी का हिस्सा बन चुके हैं। उत्तराखंड में लगभग 29 हजार छात्र-छात्राओं ने इससे फायदा उठाया है और सिर्फ पिछले साल ही 500 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई।

🚀 शिक्षा में नए आयाम
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

  • विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।

  • साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क का निर्माण कर वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है।

  • 9 नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि उच्च शिक्षा का दायरा और बड़ा हो सके।

🔬 शोध को बढ़ावा देने के कदम
“मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना” के तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान मिलेगा। उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशित करने वाले अध्यापकों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिया जाएगा।

📌 कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी समेत कई जनप्रतिनिधि, आईआईटी कानपुर के निदेशक मनिंदर अग्रवाल, जिले के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।