🎬उत्तराखंड फिल्म नीति से बदली तस्वीर, 25 फिल्मों को मिला करोड़ों का अनुदान

 देहरादून

उत्तराखंड की शांत वादियों, हरियाली और सांस्कृतिक रंगों ने अब सिर्फ पर्यटकों ही नहीं, बल्कि फिल्म जगत को भी अपनी ओर खींच लिया है। राज्य सरकार की नई फिल्म नीति का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार फिल्म उद्योग को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और यही वजह है कि आज उत्तराखण्ड देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।


🌄 फिल्म नीति-2024 से खुला नया रास्ता

सरकार की फिल्म नीति-2024 ने राज्य में शूटिंग की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और तेज बनाया है। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अब निर्माता-निर्देशकों को कम समय में अनुमति मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे
👉 पर्यटन बढ़ रहा है
👉 स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है
👉 युवाओं को रोजगार मिल रहा है
👉 संस्कृति को नई पहचान मिल रही है


💰 25 फिल्मों को मिला ₹8.28 करोड़ का अनुदान

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 25 फिल्मों को करीब 8.28 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया है।

इनमें

  • 🎥 14 क्षेत्रीय (गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी) फिल्में

  • 🎥 11 हिंदी-अंग्रेजी फिल्में

शामिल हैं।


🎭 क्षेत्रीय सिनेमा को मिला सबसे बड़ा सहारा

पहाड़ की भाषा और संस्कृति को नई पहचान देने वाली कई फिल्मों को आर्थिक मदद मिली। इनमें गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी फिल्मों की लंबी सूची शामिल है।

सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।


🎬 बॉलीवुड और वेब सीरीज भी खिंचे उत्तराखंड की ओर

फिल्म नीति के कारण बड़े हिंदी प्रोजेक्ट और वेब सीरीज भी राज्य में शूट हो रहे हैं।

इससे होटल, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय बाजार और पर्यटन व्यवसाय को सीधा फायदा मिल रहा है।


🚀 “सिनेमा बनेगा विकास का इंजन” — मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियां और सुरक्षित माहौल उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के लिए आदर्श बनाते हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी फिल्म उद्योग को हर संभव सहयोग देती रहेगी।