उत्तराखंड की सड़कों पर जल्द ही दौड़ती नज़र आएंगी ऐसी बसें, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेंगी, बल्कि युवाओं को रोजगार भी देंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना को बिना देरी के ज़मीन पर उतारा जाए।
🚌 देहरादून और हरिद्वार में दौड़ेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री ने कहा कि देरी का कोई स्थान नहीं है—लोगों को सुगम, सुरक्षित और प्रदूषण रहित परिवहन सेवा देना अब समय की मांग है। योजना के तहत देहरादून और हरिद्वार में पहले चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती रीना जोशी ने जानकारी दी कि इस योजना से लगभग 750 लोगों को रोजगार मिलेगा।
⚡ ई-वी चार्जिंग की सुविधाएं होंगी सुलभ और सटीक
सीएम धामी ने ई-बसों के साथ-साथ राज्यभर में ई-वी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस अड्डों, पार्किंग स्थलों, सरकारी भवनों, पेट्रोल पंपों और गेस्ट हाउसों के पास ही चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएं ताकि वाहन चालकों को असुविधा न हो।
💨 ग्रीन सेस और प्रदूषण नियंत्रण पर भी सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस लगाने की प्रक्रिया को तेज़ करने को कहा, ताकि राज्य में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
🏗️ निर्माणाधीन बस अड्डों को समय पर पूरा करना अनिवार्य
बैठक के दौरान सीएम ने निर्माणाधीन बस अड्डों के कार्यों की प्रगति पर भी नाराज़गी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📈 राज्य परिवहन निगम की आमदनी बढ़ाना प्राथमिकता
सीएम धामी ने साफ कहा कि राज्य परिवहन निगम की आय बढ़ाने के लिए स्मार्ट रणनीतियों पर काम किया जाए।
🌱 28 स्थानों पर बन चुके हैं चार्जिंग स्टेशन
रीना जोशी ने यह भी बताया कि ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पहले चरण में 28 स्थानों पर ई-वी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर लिए हैं और यह संख्या जल्द ही और बढ़ेगी।
📋 इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









