ड्रग्स के खिलाफ धामी सरकार की सख़्त रणनीति, सीमाओं से लेकर कॉलेजों तक चलेगा जागरूकता अभियान

उत्तराखंड को नशे के जाल से बचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” केवल नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनेगा।

सीएम धामी ने बैठक में एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मज़बूत करने के आदेश दिए। ज़रूरत पड़ने पर नए पद सृजित करने की भी बात कही गई।

📞 उन्होंने राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ – 1933 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि आमजन इसकी जानकारी पाएं और तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें।

👉 सीएम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और समाज कल्याण विभाग को मिलकर कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। खासतौर पर सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाने और बाहरी राज्यों से ड्रग्स सप्लाई रोकने पर फोकस किया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति ड्रग्स तस्करी में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख़्त कार्रवाई होगी। वहीं, स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने की कोशिश तेज की जाएगी।

🚔 धामी ने पुलिस को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का भी निर्देश दिया।

बैठक में सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर बनो’ की अपील को भी आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जाए। इसके लिए शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, एडीजीपी वी. मुरुगेशन, ए.पी. अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी राजीव स्वरूप समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।