उत्तराखंड में लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा बड़ा सम्मान, सीएम धामी के ऐतिहासिक ऐलान

🔷 संविधान हत्या दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान — लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा और अधिक सम्मान, हर समस्या का समाधान तय 🔷

देहरादून | 25 जून 2025

आपातकाल की 50वीं बरसी पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों का मुख्यमंत्री आवास में भावभीना स्वागत करते हुए एक के बाद एक बड़े फैसलों का ऐलान किया। 🌸

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा — “लोकतंत्र की रौशनी को जेलों की कालकोठरियों में भी बुझने नहीं दिया गया था। यह भारत की आत्मा को बचाने का तप था, त्याग था और संकल्प था।”

🎯 मुख्य घोषणाएं जो बना सकती हैं मिसाल:

  • हर समस्या का हल: लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे।

  • निधि में बढ़ोतरी: सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाएगी और इसे पाने की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा।

  • मानसून सत्र में अधिनियम: लोकतंत्र सेनानियों के हितों को सुनिश्चित करने हेतु मानसून सत्र में विशेष अधिनियम लाया जाएगा।

  • तत्काल प्रमाण पत्र: सभी पात्र सेनानियों को तुरंत प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

  • हर साल होगा सम्मान: लोकतंत्र सेनानियों का प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

🕯️ संविधान की आत्मा पर हमला था आपातकाल: सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन था, जब एक व्यक्ति की सत्ता की भूख ने देश को जेल में बदल दिया। प्रेस की आज़ादी छिनी, संसद की आवाज़ दबा दी गई और न्यायपालिका की गरिमा कुचली गई।

📜 उन्होंने याद किया कि कैसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी और नानाजी देशमुख जैसे महान नेताओं ने जेल में रहकर युवाओं में लोकतंत्र की अलख जगाई। देश भर के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और ये जनआंदोलन क्रांति बन गया।

🧭 आपातकाल से सीख, लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज लोकतंत्र को सेवा का माध्यम बनाया गया है। आपातकाल की भयावहता को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई तानाशाही फिर सिर न उठा सके।

📢 “संविधान हत्या दिवस” के रूप में 25 जून को मनाए जाने का फैसला इसी सोच का हिस्सा है।

🛤️ उत्तराखंड बना देश के लिए मिसाल

सीएम ने गर्व के साथ कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य से लिए गए निर्णय आज पूरे देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं—चाहे वो नकल विरोधी कानून हो या एसडीजी रैंकिंग में पहला स्थान

👥 इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, वरिष्ठ सचिव शैलेश बगौली समेत अनेक लोकतंत्र सेनानी व उनके परिजन उपस्थित रहे।