देहरादून | 31 जुलाई 2025
उत्तराखंड के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए ₹615 करोड़ की विशेष पूंजीगत सहायता को हरी झंडी दे दी है। अच्छी खबर ये भी है कि इस राशि की पहली किश्त ₹380.20 करोड़ राज्य को जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वित्तीय सहयोग को “विकास की नई संजीवनी” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा, “इस दशक को उत्तराखंड के विकास का दशक बनाना है, और इसमें केंद्र सरकार का यह सहयोग निर्णायक भूमिका निभाएगा।”
📊 कौन-कौन सी योजनाएं मिलेंगी रफ्तार?
इस विशेष सहायता के तहत जिन योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, उनमें राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्टार्टअप, ट्रैफिक मैनेजमेंट और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई ज़रूरी परियोजनाएं शामिल हैं।
🔹 स्वास्थ्य:
राजकीय मेडिकल कॉलेजों के निर्माण पर ₹218.45 करोड़
🔹 पेयजल:
सौंग बांध पेयजल परियोजना को ₹70 करोड़
🔹 शहरी विकास:
देहरादून के आढ़त बाजार का पुनर्विकास, ऋषिकेश में मल्टीलेवल पार्किंग सहित परियोजनाओं पर ₹45.58 करोड़
🔹 पुलिस व प्रशासनिक आधारभूत ढांचा:
6 थाने और 14 पुलिस चौकियों के भवन निर्माण पर ₹10 करोड़
🔹 स्टार्टअप्स को बूस्ट:
यू-हब स्टार्टअप सेंटर पर ₹10 करोड़
🔹 सीवरेज और जलापूर्ति:
₹35 करोड़ की राशि स्वीकृत
🔹 ऊर्जा सेक्टर:
विद्युत पारेषण लाइनों के लिए ₹47.33 करोड़
🔹 उच्च शिक्षा:
शैक्षिक संस्थानों के निर्माण पर ₹82.74 करोड़
इसके अलावा घाटों और नहरों पर बायपास रोड, डाकपत्थर बैराज और इच्छाड़ी बांध के पहुंच मार्ग, और आईएसबीटी से संबंधित तीन योजनाओं को भी धन आवंटित किया गया है।
🧭 मुख्यमंत्री की मेहनत लाई रंग
धामी सरकार की ओर से इन योजनाओं की स्वीकृति के लिए केंद्र के समक्ष की गई गहन पैरवी आखिरकार सफल रही। राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए 37 परियोजनाओं हेतु ₹619.42 करोड़ की मांग की थी, जिसमें से ₹615 करोड़ को केंद्र ने मंजूरी दे दी है।
✅ यह सिर्फ पैसा नहीं, भरोसे का प्रतीक है
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सहयोग सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि हज़ारों लोगों की ज़िंदगी में बदलाव लाने वाला कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सहायता से न केवल अधूरी परियोजनाएं पूरी होंगी, बल्कि रोज़मर्रा की सुविधाएं भी बेहतर होंगी।










