देहरादून | 25 अगस्त 2026
उत्तराखंड में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। 🚧 मानसून खत्म होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार के काम तेजी से शुरू करने पर जोर दिया गया है।
सरकार ने पीएमजीएसवाई की पुरानी सड़कों के सुधार, शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को धनराशि उपलब्ध कराने और बारिश के बाद काम में देरी न हो, इसके लिए निविदा प्रक्रिया समय से पूरी करने पर भी चर्चा की।
मानसून खत्म होते ही शुरू होंगे सड़क सुधार के काम
कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और अन्य संबंधित विभागों व संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा है, जिसके तहत बारिश का दौर समाप्त होते ही सड़क सुधार के काम व्यापक स्तर पर शुरू किए जा सकें। इसके लिए जरूरी तैयारियां पहले से पूरी करने और निविदा प्रक्रिया समय पर निपटाने पर जोर दिया गया।
पुरानी पीएमजीएसवाई सड़कों के लिए भी धनराशि पर चर्चा
बैठक में उन पुरानी पीएमजीएसवाई सड़कों को लेकर भी विचार किया गया, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और जिनका नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है।
ऐसी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा हुई।
नगर निगम और नगर पंचायतों को मिलेंगे जरूरी संसाधन
शहरी क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी बैठक में विचार हुआ।
मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
अक्टूबर से सड़क मार्ग से क्षेत्रों का दौरा करेंगे धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह अक्टूबर महीने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को सड़क सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शहरी और ग्रामीण सड़कों को बेहतर एवं सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। 🎯
कैबिनेट में सहकारिता नीति समेत कई प्रस्तावों पर फैसला
25 अगस्त 2026 की कैबिनेट बैठक में सड़कों के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। इनमें राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखण्ड राज्य सहकारिता नीति, 2026 को प्रख्यापित करने का निर्णय शामिल है।
प्रस्तावित नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, तकनीक-सक्षम और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। इसमें सात रणनीतिक मिशन निर्धारित किए गए हैं।
वेतन मैट्रिक्स में लेवल-14 और 15 को लेकर संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम, 2016 की अनुसूची-1 में वेतन मैट्रिक्स को संशोधित करने से संबंधित प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया।
इसके तहत ₹1,44,200-2,18,200 के वेतनमान के लिए लेवल-15 के स्थान पर लेवल-14 तथा ₹1,82,200-2,24,100 के वेतनमान के लिए लेवल-16 के स्थान पर लेवल-15 किया जाना है।
ग्रीन सेस और सीएनजी वाहनों से जुड़ा फैसला
उत्तराखण्ड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम, 2003 के तहत ग्रीन सेस से संबंधित अधिसूचना में दी गई छूट को समाप्त करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
सरकार के अनुसार हाईब्रिड और सीएनजी वाहनों को मोटरयान कर में दी गई छूट का राजस्व पर प्रभाव पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर इन वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर भी सहमति
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख एवं ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया।
इसके अलावा दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति दी।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की राज्य शाखा की स्थापना के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से 1 एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर ₹1 में दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कारागार और लोकायुक्त से जुड़े नियमों को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड कारागार उप कारापाल अधीनस्थ (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 को प्रख्यापित करने पर सहमति दी।
इसके साथ ही लोकायुक्त संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए नामों का पैनल तैयार करने वाली खोजबीन समिति के कामकाज, कार्यवधि, सदस्यों के भत्ते और पैनल चयन की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए उत्तराखण्ड लोकायुक्त खोजबीन समिति (Search Committee) के कार्यकलापों का निर्धारण नियमावली, 2026 तैयार करने का निर्णय लिया गया।
आबादी क्षेत्रों के आधुनिक सर्वेक्षण का रास्ता साफ
शहरी आबादी वाले क्षेत्रों के भूमि अभिलेखों को आधुनिक तरीके से तैयार करने के लिए उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली, 2026 के प्रख्यापन से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
इसका संबंध डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत शुरू किए गए ‘नक्शा’ कार्यक्रम से है।
बीज निगम के 85 कर्मचारियों के स्थानांतरण का प्रस्ताव
उत्तराखण्ड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को दूसरे विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया।
प्रस्ताव के अनुसार 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ऊधमसिंहनगर तथा निकटवर्ती जनपदों के विभिन्न विभागों में अधिकतम 10 वर्ष या सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले तक, जो पहले हो, सेवा स्थानांतरण के आधार पर भेजे जाने का प्रावधान है।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को आवास
देहरादून के काठबंगला में बनाए गए 116 आवासों को रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के नगर निगम, देहरादून द्वारा चयनित लाभार्थियों को आवंटित करने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार नदी किनारे बसी मलिन बस्तियों के व्यवस्थित विस्थापन के उद्देश्य से ये आवास तैयार किए गए हैं।
यूयूएसडीए में 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी
शहरी क्षेत्रों में सीवरेज, पेयजल, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, घाटों के सौंदर्यीकरण और अन्य परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए यूयूएसडीए के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन पर सहमति दी गई।
इसके तहत कुल 94 अस्थायी यानी निःसंवर्गीय पदों के सृजन का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
कैंसर मरीजों के Hospice Care Center के लिए स्टाम्प शुल्क छूट
अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर मरीजों के लिए Hospice Care Center स्थापित करने के उद्देश्य से संपत्ति को Gift Deed के माध्यम से ट्रस्ट के पक्ष में दिए जाने पर स्टाम्प शुल्क में छूट के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
प्रश्नगत संपत्ति की लागत ₹1,77,41,000 बताई गई है। इस पर 5 प्रतिशत की दर से ₹8,87,050 स्टाम्प ड्यूटी आकलित है।
उपनल कर्मचारियों के समान कार्य-समान वेतन पर बड़ा फैसला
कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में देने पर सहमति जताई है।
पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियोजित कर्मचारियों के संबंध में कार्रवाई चल रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों के लिए कार्रवाई 9 नवंबर 2026 से शुरू की जाएगी।
तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियोजित कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की कार्रवाई 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 778/2025 के तहत सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों से संबंधित विषयों के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित करने को मंजूरी दी गई।
इसके प्रभावी संचालन के लिए संविदा के आधार पर कुल छह पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली आपूर्ति के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने न्यूनतम बोलीदाता (L1) अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीद को स्वीकृति दी। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता शामिल है।
शहीद सैनिकों की याद में पैतृक गांवों में लगेंगी मूर्तियां 🇮🇳
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इससे शहीद सैनिकों की स्मृतियों को जीवंत रखने और युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का लक्ष्य है।










