🏔️💰 उत्तराखंड बजट: विकास और वित्तीय अनुशासन का संतुलित रोडमैप, ₹1.11 लाख करोड़ का बड़ा विज़न

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और विकास की दिशा तय करने वाला वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट राज्य सरकार ने एक संतुलित और दूरदर्शी दस्तावेज़ के रूप में पेश किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त मंत्री के रूप में लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि यह सिर्फ आंकड़ों का ब्योरा नहीं, बल्कि “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” की दिशा में ठोस कदम है।

पिछले वर्ष की तुलना में बजट में 10.41% की वृद्धि की गई है, जबकि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राज्य सरकार ने FRBM अधिनियम के सभी मानकों का पालन किया है।

सरकार ने इस बार ₹2536.33 करोड़ का राजस्व अधिशेष दिखाया है, जो इस बात का संकेत है कि राज्य की आय उसके राजस्व खर्च से अधिक है। यही वजह है कि विशेषज्ञ इस बजट को मजबूत वित्तीय प्रबंधन और विकास के संतुलन का उदाहरण मान रहे हैं।


📊 मजबूत वित्तीय सेहत की झलक

राज्य सरकार ने बजट में वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 3% की सीमा के भीतर रखा है।

वहीं राज्य का सार्वजनिक ऋण भी 32.50% की निर्धारित सीमा के अंदर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था करीब ₹14,500 करोड़ थी, जो आज बढ़कर लगभग ₹3.81 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है।

इसी तरह प्रति व्यक्ति आय ₹15,285 (2000-01) से बढ़कर ₹2,73,921 (2025-26) होने का अनुमान है।


🎯 GYAN मॉडल से विकास का नया फॉर्मूला

सरकार ने इस बजट में विकास की रणनीति GYAN मॉडल पर आधारित रखी है।

इस मॉडल में चार वर्गों को विकास की धुरी बनाया गया है:

  • G – गरीब (Garib)

  • Y – युवा (Youth)

  • A – अन्नदाता किसान (Annadata)

  • N – नारी शक्ति (Nari)

मुख्यमंत्री का कहना है कि इन चार स्तंभों को मजबूत किए बिना आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना पूरा नहीं हो सकता।


🏠 गरीब कल्याण पर खास फोकस

गरीब और कमजोर वर्गों की मदद के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है।

मुख्य प्रावधान:

  • अन्नपूर्ति योजना – ₹1300 करोड़

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) – ₹298.35 करोड़

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) – ₹56.12 करोड़

  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास – ₹25 करोड़

  • परिवहन निगम में निशुल्क यात्रा सुविधा – ₹42 करोड़

  • रसोई गैस सब्सिडी – ₹43.03 करोड़

इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए ₹167 करोड़ से अधिक का बजट रखा गया है।


👨‍🎓 युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने कई योजनाओं को मजबूती दी है।

मुख्य योजनाएं:

  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना – ₹60 करोड़

  • पलायन रोकथाम योजना – ₹10 करोड़

  • पंडित दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना – ₹62.29 करोड़

  • गैर सरकारी महाविद्यालय सहायता – ₹155.38 करोड़

  • मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना – ₹10 करोड़

सरकार का दावा है कि इससे रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी।


🌾 किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी

कृषि, बागवानी और पशुपालन को मजबूत करने के लिए भी बजट में कई योजनाएं शामिल की गई हैं।

मुख्य प्रावधान:

  • मिशन एप्पल – ₹42 करोड़

  • ट्राउट मछली प्रोत्साहन योजना – ₹39.90 करोड़

  • दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन – ₹32 करोड़

  • मत्स्य संपदा योजना – ₹160 करोड़

  • मिलेट मिशन – ₹12 करोड़

  • किसान पेंशन योजना – ₹12.06 करोड़

सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ी कृषि को लाभकारी बनाया जाए


👩 मातृशक्ति के लिए बढ़ा जेंडर बजट

महिला सशक्तिकरण के लिए इस वर्ष ₹19,692 करोड़ का जेंडर बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष से काफी अधिक है।

मुख्य योजनाएं:

  • नंदा गौरा योजना – ₹220 करोड़

  • प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना – ₹47.78 करोड़

  • मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट – ₹30 करोड़

  • निर्भया फंड – ₹112 करोड़

  • ईजा-बोई शगुन योजना – ₹14.13 करोड़

सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।


⚖️ SANTULAN मॉडल: विकास का अनोखा फॉर्मूला

इस बजट का मुख्य मंत्र SANTULAN रखा गया है।

इसका मतलब है:

  • S – समावेशी विकास

  • A – आत्मनिर्भर उत्तराखंड

  • N – नई सोच

  • T – तीव्र विकास

  • U – उन्नत गांव और शहर

  • L – लोक सहभागिता

  • A – आर्थिक शक्ति

  • N – न्यायपूर्ण व्यवस्था

सरकार ने हर अक्षर के साथ विकास की अलग रणनीति और बजट प्रावधान जोड़ा है।


🚧 इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर भी जोर

बजट में कई नई पहलें भी शामिल हैं:

  • कुंभ मेला तैयारी – ₹1027 करोड़

  • साइबर सुरक्षा – ₹15 करोड़

  • इको टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर – ₹18.5 करोड़

  • स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन – ₹10 करोड़

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीक – ₹13 करोड़