देहरादून/हरिद्वार, 1 जुलाई 2025 —
जब किसी भूमि की आत्मा में धर्म बसता है और नेतृत्व में श्रद्धा की गूंज हो, तो संस्कृति केवल किताबों में नहीं, जीवन में उतरती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए न सिर्फ आध्यात्मिक भाव जगाया, बल्कि सरकार की सांस्कृतिक प्रतिबद्धताओं का स्पष्ट संदेश भी दिया।
इस धर्मोत्सव में परमपूज्य संतजनों और हज़ारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि “हरि कथा और संतों का संग दुर्लभ है और सौभाग्य से प्राप्त होता है। श्रीमद्भागवत कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी का सजीव स्वरूप है।”
🧘♂️ श्रीमद्भागवत: आधुनिक जीवन में आत्मिक समाधान का दिव्य स्रोत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज जब इंसान भागती दुनिया में भौतिक सुखों के पीछे दौड़ रहा है, तब श्रीमद्भागवत कथा जैसी संतवाणी हमारे भीतर आंतरिक शांति, समाधान और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग खोलती है।
🎯 “हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति आज विश्व मंच पर गर्व से लहरा रही है — राम मंदिर, महाकाल लोक, बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे पुनरुत्थान के उदाहरण ‘न भूतो न भविष्यति’ हैं,” उन्होंने कहा।
🏞️ उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना को संजोने का संकल्प
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार केदारखंड और मानसखंड की पौराणिक स्थलों को संवारने में जुटी है।
🔸 हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ
🔸 हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर
🔸 शारदा कॉरिडोर — जैसे प्रोजेक्टों पर तेज़ी से काम चल रहा है।
इसके अलावा, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज़’ की स्थापना भी इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
🛕 “हम देवभूमि की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं।”
🔥 लव, लैंड और थूक जिहाद पर कड़ा रुख — समान नागरिक संहिता लागू कर रचा इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने उन मानसिकता के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं जो समाज में घृणा फैलाने का काम करती हैं।
👊 “लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित सोच पर हमारी सरकार ने सख्त कानून बनाकर कार्रवाई की है।”
साथ ही, उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर समानता, अधिकार और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक साहसिक कदम उठाया।
🙏 श्रद्धा, संगीत और साधना से गूंजा हरिद्वार
श्रीमद् भागवत कथा में देश भर से पहुंचे संतों, महात्माओं और संगीतकारों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:
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पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी
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स्वामी श्री राम जी महाराज
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महामंडलेश्वर निर्मला बा जी (गुजरात)
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सुप्रसिद्ध गायक बी प्राक 🎶
हरिद्वार का वातावरण सात दिनों तक भक्ति, ध्यान और धर्म से ओतप्रोत रहा।
📌 निष्कर्ष:
उत्तराखंड अब सिर्फ हिमालय की गोद में बसी राज्य नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण केंद्र बन रहा है। श्रीमद्भागवत कथा और मुख्यमंत्री के उद्बोधन ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड की आत्मा धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के सूत्र में बंधी हुई है।










