देवभूमि उत्तराखंड का नाम एक बार फिर विश्व पटल पर चमका है। ओमान की भीषण गर्मी और रेगिस्तानी हालात में आयोजित 120 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन में भारत को गौरव दिलाने वाले अंतरराष्ट्रीय एथलीट और भूतपूर्व सैनिक कलम सिंह बिष्ट को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवास में हुई, जहां पूरे माहौल में गर्व और सम्मान की भावना साफ झलक रही थी।
जनपद चमोली के विकासखंड देवाल की ग्राम सभा मुंदोली से ताल्लुक रखने वाले कलम सिंह बिष्ट ने दुनिया के सैकड़ों नामी धावकों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। रेगिस्तान की तपती ज़मीन, पथरीले रास्ते और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच यह जीत सिर्फ़ एक रेस नहीं, बल्कि हौसले, अनुशासन और जज़्बे की मिसाल बन गई। 🎯
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि कलम सिंह बिष्ट ने यह साबित कर दिया है कि सीमांत गांवों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया जा सकता है।
सीएम धामी ने यह भी याद दिलाया कि कलम सिंह बिष्ट भारतीय सेना की प्रतिष्ठित चौथी गढ़वाल राइफल में सेवाएं दे चुके हैं। सेना का अनुशासन, कठिन परिस्थितियों में डटे रहने की आदत और देशभक्ति की भावना आज भी उनके व्यक्तित्व और खेल प्रदर्शन में साफ दिखाई देती है। देश सेवा के बाद खेल के ज़रिये देश का नाम रोशन करना हर उत्तराखंडी के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को कलम सिंह बिष्ट के जीवन से सीख लेनी चाहिए—मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन के दम पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग करती रहेगी।
सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कलम सिंह बिष्ट के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अन्य भूतपूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भावुक और प्रेरक बना दिया। 🇮🇳










