देहरादून | बुधवार
उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा और नई उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर, देहरादून में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में 1035 सहायक अध्यापकों (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 17 विशेष शिक्षक भी शामिल हैं, जो दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को मजबूती देंगे।
मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि आज से आपके कंधों पर उत्तराखंड के भविष्य को गढ़ने की जिम्मेदारी है।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा—
“जब किसी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा मिलती है, तो वह सिर्फ अपना नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य संवारता है। शिक्षक ही देश के उज्ज्वल कल के सच्चे शिल्पकार होते हैं।”
🎓 शिक्षा के साथ संस्कार भी ज़रूरी
मुख्यमंत्री धामी ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम के संस्कार भी दें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है।
डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास—हर स्तर पर व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
💼 सरकारी नौकरी नहीं, युवाओं के आत्मसम्मान की जीत
मुख्यमंत्री ने रोजगार पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि
पिछले साढ़े चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, यह हमारे युवाओं के आत्मसम्मान की जीत है। सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी।”
🏫 शिक्षा विभाग में ऐतिहासिक नियुक्तियां
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि
पिछले साढ़े चार वर्षों में शिक्षा विभाग में 11,500 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं, जबकि 3,500 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें
शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह,
निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती,
निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री अजय नौडियाल,
निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण श्रीमती वंदना गर्ब्याल और
अपर निदेशक श्रीमती कंचन देवराड़ी शामिल थे।










