टनकपुर–बागेश्वर रेललाइन पर जल्द शुरू होगा काम, केंद्र ने मांगी राज्य की मंज़ूरी 🚆🏔️

टनकपुर/देहरादून, 1 अगस्त 2025
उत्तराखंड के लोगों के लिए एक लंबे समय से पलकों में बसाया सपना अब ज़मीन पर उतरने की ओर है। टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन, जो अब तक नक्शों और रिपोर्टों तक सीमित थी, जल्द ही हकीकत बनने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए उत्तराखंड सरकार से औपचारिक सहमति मांगी है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी ज़रूरी औपचारिकताएं तत्काल पूरी की जाएं।

👉 यह रेल परियोजना केवल लोहे की पटरियों की बात नहीं है, यह है कुमाऊं के विकास, रोज़गार, और पर्यटन के नए युग की दस्तक।


📍 क्या है टनकपुर–बागेश्वर रेललाइन की खासियत?

  • कुल लंबाई: लगभग 170 किलोमीटर

  • अवधि: केंद्र सरकार द्वारा अंतिम सर्वेक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है

  • स्थिति: राज्य सरकार की औपचारिक सहमति के बाद काम जल्द शुरू होने की उम्मीद

  • महत्व: यह रेललाइन कुमाऊं के पिछड़े और दुर्गम इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ेगी

📌 टनकपुर से बागेश्वर तक रेल कनेक्टिविटी ना सिर्फ आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार, व्यापार और शिक्षा के नए अवसर खोलेगी।


⚙️ सिर्फ टनकपुर ही नहीं – पूरे उत्तराखंड को मिल रहा है रेल से जोड़ने का तोहफा

👉 केंद्र सरकार की प्राथमिकता में अब पहाड़ हैं – और इसीलिए कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेललाइन पर युद्धस्तर पर काम हो रहा है, जो कि 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है।

💡 दिलचस्प बात ये है कि टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन पूरी होते ही गढ़वाल और कुमाऊं को पहली बार रेलमार्ग से जोड़ा जा सकेगा।


🛤️ आने वाली रेल परियोजनाएं – भविष्य की रेखाएं

  1. ऋषिकेश–उत्तरकाशी रेललाइन – DPR प्रक्रिया तेज़ी से जारी

  2. देहरादून–सहारनपुर रेललाइन – 81 किमी लंबी यह लाइन शाकुंभरी देवी मंदिर मार्ग से होकर गुज़रेगी, जिसमें 11 किमी लंबी सुरंग भी प्रस्तावित है

  3. कर्णप्रयाग–बागेश्वर भविष्य की योजना – गढ़वाल-कुमाऊं कनेक्टिविटी का अगला कदम

🎯 उत्तराखंड सरकार और केंद्र के बीच तालमेल का ही नतीजा है कि अब रेल विकास “घोषणाओं से ज़मीन पर” आता दिख रहा है।


📢 मुख्यमंत्री धामी का बयान

“बागेश्वर-टनकपुर रेललाइन जैसे प्रोजेक्ट उत्तराखंड के भविष्य की रीढ़ हैं। केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है और हम जल्द ही इस परियोजना को धरातल पर लाने जा रहे हैं।”

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड