📰 श्रमवीरों को धामी सरकार का सलाम: ₹11.50 करोड़ की मदद सीधे खातों में, सीएम बोले – “मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान”

उत्तराखंड के श्रमवीरों के जीवन में आज नई रोशनी आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक के दौरान लगभग 10,000 श्रमिकों और उनके परिजनों के खातों में ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए हस्तांतरित की।
यह सिर्फ़ रकम का ट्रांसफर नहीं था — बल्कि उन हाथों के प्रति सम्मान का प्रतीक था जो ईंट-पत्थर जोड़कर इस राज्य की नींव खड़ी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर टिका है। सरकार उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। सभी मनरेगा श्रमिकों को कल्याण बोर्ड से जोड़ना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

🎯 तीन महीने में 5-6 लाख श्रमिकों का पंजीकरण लक्ष्य
सीएम धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों में कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों को बोर्ड में पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र श्रमिक योजनाओं से वंचित न रह जाए। हर अधिकारी को गांव-गांव जाकर योजनाओं की जानकारी देनी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता और मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से जोड़ रही है ताकि हर लाभ सीधे ज़रूरतमंद तक पहुँचे।

🧱 “मेहनत का सम्मान ही विकास की असली ताकत”
सीएम धामी ने कहा —

“यह कार्यक्रम सिर्फ़ राशि हस्तांतरण का नहीं, बल्कि परिश्रमी श्रमवीरों को प्रणाम करने का अवसर है। मेहनतकश हाथ ही उत्तराखंड की असली पहचान हैं।”

उन्होंने श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारियों को आगाह किया कि किसी भी योजना में ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायत स्तर तक अभियान चलाकर श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

💪 खनन विभाग बना ‘मॉडल डिपार्टमेंट’
बैठक में मुख्यमंत्री ने खनन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के खनन राजस्व में ₹800 करोड़ की अप्रत्याशित वृद्धि सरकार की पारदर्शी नीति और सख्त कार्यप्रणाली का नतीजा है।
उन्होंने बताया कि अब हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के अधिकारी उत्तराखंड की खनन नीति से सीखने आ रहे हैं — जो अपने आप में राज्य के लिए गर्व की बात है।

सीएम धामी बोले —

“ईमानदार नीयत और स्पष्ट नीति के साथ जब व्यवस्था चलती है, तो परिणाम अपने आप बोलते हैं। खनन विभाग ने यह साबित किया है कि पारदर्शिता ही सबसे बड़ी शक्ति है।”

उन्होंने अन्य विभागों को भी इस कार्यसंस्कृति से प्रेरणा लेने की बात कही ताकि जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके और राज्य की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो।

बैठक में सचिव श्री श्रीधर बाबू अदाकी, अपर सचिव विनीत कुमार, तथा श्रम विभाग एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।