🌸 आस्था से आत्मनिर्भरता तक: मुख्यमंत्री धामी ने किया शारदा कॉरिडोर परियोजना का शुभारंभ, बोले— “यह सिर्फ निर्माण नहीं, हमारी आत्मा का पुनर्जागरण है”

उत्तराखंड की पावन धरती पर आज एक नया अध्याय शुरू हुआ। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के शारदा घाट से ₹185.20 करोड़ की महत्वाकांक्षी शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा—

“शारदा कॉरिडोर आस्था, धरोहर और विकास का संगम है। यह हमारी संस्कृति, प्रकृति और रोज़गार के नए अवसरों का केंद्र बनेगा।”

🎯 धार्मिक भावना के साथ विकास की नई राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा से माता रंकोची तक फैले इस कॉरिडोर का उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाना है, बल्कि इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ना है।
उन्होंने कहा, “यह भूमि अब केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि की नई धारा भी प्रवाहित करेगी।”

🎯 आधुनिकता और परंपरा का संगम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में ₹185.20 करोड़ की लागत से शारदा घाट पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत—

  • सुरक्षित स्नान घाट

  • आकर्षक आरती स्थल

  • स्वच्छता व विश्राम स्थल

  • सुगम पैदल मार्ग और प्रकाश व्यवस्था

  • सुंदर सौंदर्यीकरण
    जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।

आरती स्थल को अंतरराष्ट्रीय तकनीक से तैयार किया जाएगा, जिसमें रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ होंगी। वहीं, बाढ़-प्रतिरोधी संरचनाएँ नदी किनारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।

🎯 पर्यावरण-संवेदनशील विकास का उदाहरण
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शारदा कॉरिडोर परियोजना धार्मिक पर्यटन को नई गति देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी। उन्होंने इसे “सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक अद्वितीय मॉडल” बताया।

उन्होंने कहा, “पूर्णागिरि और माता रंकोची क्षेत्र केवल श्रद्धा के स्थल नहीं रहेंगे, बल्कि यहाँ वन, जीव-जंतु और प्रकृति शिक्षा का भी अनुभव मिलेगा। यह क्षेत्र आने वाले समय में पर्यावरण-संवेदनशील विकास की मिसाल बनेगा।”

🎯 जनभागीदारी से बनेगा विकास का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि इस परियोजना में स्थानीय सहभागिता सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा,

“शारदा कॉरिडोर केवल भौगोलिक निर्माण नहीं है, यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह उदाहरण बनेगा कि परंपरा और प्रगति कैसे साथ चल सकती हैं।”

🎯 परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ

  • किरोड़ा नाला पारिस्थितिक कॉरिडोर (₹109.57 करोड़): जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करेगा।

  • सिटी ड्रेनेज योजना – चरण 1 (₹62.11 करोड़): शहरी जल निकासी और वर्षा जल प्रबंधन को बेहतर बनाएगी।

  • थाक गाँव तक वैकल्पिक मार्ग (₹5.34 करोड़): तीर्थयात्रियों के लिए कोर्बेट के ऐतिहासिक मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाएगा।

🎯 जनप्रतिनिधियों और जनता की उपस्थिति
इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, तथा जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उत्साह, भक्ति और विकास की नई उम्मीदें साफ झलक रही थीं। 🌿