🌍 SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का सख़्त संदेश: “आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड स्वीकार्य नहीं”

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद से लेकर कनेक्टिविटी और सहयोग तक कई अहम मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण रखा। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि “आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे लेकर किसी भी तरह के दोहरे मापदंड स्वीकार्य नहीं होंगे।”

SCO में भारत की 3-पिलर पॉलिसी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की सोच को तीन स्तंभों — S: Security, C: Connectivity और O: Opportunity — पर आधारित बताया।

1️⃣ Security (सुरक्षा):
मोदी ने कहा कि शांति और विकास तभी संभव है जब आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद का खात्मा हो। उन्होंने याद दिलाया कि भारत चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है और हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया।
उन्होंने SCO देशों से अपील की कि आतंकवाद के हर रूप और रंग का मिलकर विरोध करें। साथ ही, SCO-RATS (रीजनल एंटी-टेररिज्म स्ट्रक्चर) की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने इस वर्ष अल-कायदा और इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन का नेतृत्व किया है।

2️⃣ Connectivity (संपर्क):
मोदी ने कहा कि मजबूत कनेक्टिविटी से न सिर्फ व्यापार बल्कि विश्वास और विकास के रास्ते खुलते हैं। उन्होंने चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का उल्लेख किया और दोहराया कि “कनेक्टिविटी तभी सार्थक है जब उसमें संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो।”

3️⃣ Opportunity (अवसर):
पीएम ने याद दिलाया कि भारत की अध्यक्षता में SCO में स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन, युवा सशक्तिकरण, पारंपरिक चिकित्सा और साझा बौद्ध धरोहर जैसे विषयों को जोड़ा गया। उन्होंने SCO के भीतर एक “Civilizational Dialogue Forum” बनाने का सुझाव भी दिया ताकि सदस्य देश अपनी सभ्यताओं, कला और साहित्य को साझा कर सकें।

वैश्विक सुधारों पर भारत का रुख

मोदी ने कहा कि भारत Reform, Perform और Transform के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने SCO देशों से संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक संस्थानों में सुधार के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “नई पीढ़ी के रंगीन सपनों को हम पुरानी ब्लैक-एंड-व्हाइट स्क्रीन पर नहीं दिखा सकते, स्क्रीन बदलनी होगी।”

समापन संदेश

प्रधानमंत्री ने संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और साइबर सुरक्षा से निपटने के लिए SCO द्वारा नए केंद्र बनाए जाने का स्वागत किया। साथ ही, किर्गिज़स्तान को संगठन का अगला अध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं दीं।