📰 सहकारिता का पर्व: गाँवों से उभर रही नई समृद्धि की कहानी, महिलाओं ने थामी आत्मनिर्भरता की मशाल

श्रीनगर (गढ़वाल), सोमवार।
आवास विकास मैदान आज सुबह रंग-बिरंगे स्टॉलों और ग्रामीण उत्साह की गूंज से जीवंत हो उठा। नौ दिन तक चलने वाले इस सहकारिता मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया — जहाँ उत्तराखंड की मिट्टी की खुशबू और आत्मनिर्भरता की महक साथ-साथ बह रही थी। 🌾✨

मुख्यमंत्री धामी ने मेले में लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया और कहा कि “सहकारिता ही समाज को जोड़ने और आर्थिक स्वावलंबन की सबसे मज़बूत डोर है।” उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, काश्तकारों और ग्रामीण उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि ये प्रयास “गाँवों से समृद्ध भारत” की दिशा में ठोस कदम हैं।

धामी बोले — “सहकारिता कोई नीति नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है। यही तो भारत की संस्कृति है — वसुधैव कुटुम्बकम की भावना।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को ‘विश्व सहकारिता वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, और केंद्र सरकार ने इसके लिए एक अलग सहकारिता मंत्रालय भी गठित किया है।

💡 ग्रामीण विकास से लेकर ‘लखपति दीदी’ तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता के ज़रिए महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है। “लखपति दीदी अभियान” से अब गाँव-गाँव की महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को साकार कर रही हैं — ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।’

राज्य में अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है और 5511 में से 3838 समितियाँ राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर ऑनलाइन हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के मंडुवा का समर्थन मूल्य बढ़ाकर ₹48.86 प्रति किलो कर दिया गया है।

कृषि कार्यों के लिए किसानों को पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना से तीन लाख तक और महिला समूहों को पाँच लाख तक ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में ₹16,000 करोड़ की पूंजी जमा होना जनता के विश्वास का प्रमाण है।

🔹 सख्त कानूनों से सशक्त प्रशासन

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में नकल माफ़ियाओं पर लगाम लगाने के लिए देश का सबसे सख़्त कानून लागू किया गया है, जिससे 100 से अधिक नकल माफ़िया जेल में हैं। हाल ही में हरिद्वार के नकल प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई कर CBI जांच की संस्तुति की गई है।

उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने देश में मिसाल पेश की है, और अब सख़्त भू-कानून लागू कर भूमाफ़ियाओं पर प्रभावी रोक लगाई गई है।

🪴 मेले में उत्साह और उपलब्धियाँ

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में 31 लाख लोग सहकारिता से जुड़े हैं, जिसे 50 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस मेले में महिला समूहों ने 35 लाख रुपये का व्यापार किया है, जबकि श्रीनगर में कुल व्यापार 1 करोड़ रुपये के पार पहुंचा।

राज्य के कॉपरेटिव सेक्टर को 30 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। “लखपति दीदी” योजना ने गाँव की महिलाओं को आर्थिक मज़बूती दी है। डॉ. रावत ने यह भी बताया कि कल 1500 एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जिससे प्रदेश में कुल रोजगार संख्या 26,500 के पार जाएगी।

🎖️ सम्मान और सराहना

मुख्यमंत्री और मंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक के चेक और कृषि यंत्रों हेतु पुरस्कार वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की जमकर प्रशंसा की और कहा कि “यही बच्चे आने वाले उत्तराखंड की नई पहचान हैं।

कार्यक्रम में विधायक राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, डीएम स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सहकारी सदस्य और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।