🌍 अंगोला में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ऐतिहासिक दौरा — कहा, “भारत-अंगोला की साझेदारी विश्वास और विकास पर आधारित”

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इतिहास रचा — वह अंगोला की यात्रा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। यह राजकीय यात्रा भारत और अफ्रीका के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मु के साथ जल शक्ति और रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, सांसद प्रभुभाई नागरभाई वसावा और डी.के. अरुणा भी इस दौरे पर शामिल रहीं। लुआंडा पहुंचने पर अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो ने उनका स्वागत किया।


🤝 द्विपक्षीय बैठक में नए अवसरों पर सहमति

राष्ट्रपति मुर्मु ने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंजाल्विस लौरेंको के साथ राष्ट्रपति भवन में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के बाद दोनों नेताओं ने ऊर्जा, कृषि, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा —

“भारत और अंगोला की साझेदारी आपसी विश्वास, सम्मान और दोनों देशों के नागरिकों की समृद्धि के साझा दृष्टिकोण पर टिकी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अंगोला भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है, और दोनों देशों को उभरते क्षेत्रों में मिलकर कार्य जारी रखना चाहिए।


🌿 पर्यावरण और विकास के क्षेत्र में सहयोग

भारत और अंगोला के बीच मत्स्य पालन, समुद्री संसाधन और वाणिज्य दूतावास सहयोग से जुड़े दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अंगोला के International Big Cat Alliance (IBCA) और Global Biofuel Alliance (GBA) में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया।

बाद में दोनों राष्ट्रपतियों ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया और अंगोला के राष्ट्रपति लौरेंको ने राष्ट्रपति मुर्मु के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया।


🇮🇳 नई ऊंचाई पर भारत-अफ्रीका संबंध

राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा भारत और अंगोला के बीच विश्वास, विकास और सांझी समृद्धि की नई राह खोल रहा है — जो भविष्य में भारत-अफ्रीका साझेदारी को और गहरा करे