🇮🇳🇺🇸 मोदी–ट्रंप संवाद: भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% करने के फैसले का प्रधानमंत्री ने किया स्वागत

“दो बड़े लोकतंत्र साथ आएं, तो दुनिया को स्थिरता और समृद्धि की दिशा मिलती है” 🎯

नई दिल्ली | 02 फरवरी 2026

भारत–अमेरिका संबंधों में एक अहम और सकारात्मक मोड़ सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार देर रात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की और भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह धन्यवाद भारत की 1.4 अरब जनता की ओर से व्यक्त करते हुए इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला कदम बताया।

🤝 दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, एक साझा लक्ष्य

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो इसका लाभ केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक स्तर पर नए अवसर और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त होता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह फैसला भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करेगा, जिससे भारतीय उद्योग, निर्यातकों और रोजगार सृजन को सीधा लाभ मिलेगा।

🕊️ वैश्विक शांति पर भी हुई चर्चा

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि —

“वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत शांति के लिए अमेरिका के प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

📲 प्रधानमंत्री का एक्स (X) पर संदेश

बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बात कर उन्हें बेहद प्रसन्नता हुई।
उन्होंने कहा कि टैरिफ में कटौती का फैसला भारत-अमेरिका साझेदारी को “अभूतपूर्व ऊंचाइयों” तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दोनों देश व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक शांति जैसे क्षेत्रों में और मजबूती से साथ काम करेंगे।

🌍 भारत-अमेरिका रिश्तों में नई ऊर्जा

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में टैरिफ में कटौती का निर्णय न केवल भारत के निर्यातकों के लिए राहत है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसे का भी संकेत देता है।