नई दिल्ली | 9 फरवरी 2026
भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक और विश्वासपूर्ण रिश्तों को और गहराई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मॉरीशस गणराज्य के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की।
दोनों नेताओं ने सितंबर 2025 में वाराणसी में हुई अपनी पिछली मुलाकात के बाद से अब तक द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा का केंद्र विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण और जन-केंद्रित सहयोग को और मजबूत करना रहा।
🤝 रणनीतिक साझेदारी पर साझा प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री रामगुलाम ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और मॉरीशस के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-भावनाओं से जुड़े हैं। दोनों नेताओं ने भारत–मॉरीशस समृद्ध रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
🌊 हिंद महासागर में शांति और स्थिरता पर सहमति
बातचीत के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भी विचार साझा किए। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय संतुलन और सहयोग को बनाए रखने के लिए भारत और मॉरीशस को मिलकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
🇮🇳 भारत का निरंतर समर्थन दोहराया
प्रधानमंत्री मोदी ने विजन महासागर, भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और ग्लोबल साउथ के प्रति साझा प्रतिबद्धताओं के अनुरूप मॉरीशस की विकास प्राथमिकताओं के लिए भारत के निरंतर और ठोस समर्थन को दोहराया।
🧠 दिल्ली में मुलाकात का न्योता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह अगले सप्ताह दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के अवसर पर प्रधानमंत्री रामगुलाम का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। इस प्रस्तावित मुलाकात से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। 🎯










