देहरादून | 27 नवम्बर 2025
उत्तराखंड की धरती ने एक बार फिर अपने लाल के मुक्कों की गूंज दुनिया को सुनाई है। ग्रेटर नोएडा में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक जीतकर लौटे अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर पवन बर्त्वाल ने आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की।
सीएम धामी ने पवन को गले लगाकर उनकी उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा –
“ये सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, उत्तराखंड के हर युवा का हौसला है।” 🎯
ग्रेटर नोएडा से देहरादून तक, रजत की चमक से जगमगाया उत्तराखंड
15 से 20 नवंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में पवन बर्त्वाल ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
तेज रफ्तार मुक्कों, दमदार फिटनेस और ठंडे दिमाग से खेले गए मुकाबलों में पवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक पर कब्ज़ा जमाया।
यह केवल उनके करियर की नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल इतिहास की भी एक अहम उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि –
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पवन ने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और खेल के प्रति जुनून के दम पर
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राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
गढ़वाल राइफल्स का जवान, रिंग का शेर 🪖🥊
पवन बर्त्वाल फिलहाल भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत हैं।
सीएम धामी ने विशेष रूप से इस बात का ज़िक्र किया कि –
“सेना की वर्दी और बॉक्सिंग रिंग, दोनों में एक ही चीज़ की जरूरत होती है – अनुशासन और समर्पण, और पवन ने दोनों मोर्चों पर बाजी मारी है।”
सेना की सख्त दिनचर्या के बीच भी
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लगातार अभ्यास,
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फिटनेस पर फोकस
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और खेल के प्रति समर्पण
ने पवन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी सफलता दिलाई है।
“खिलाड़ियों को हर स्तर पर सहयोग दे रही है सरकार” – सीएम धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने दो टूक कहा कि –
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राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं
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उनके प्रदर्शन से प्रदेश और देश दोनों का मान बढ़ रहा है
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सरकार का प्रयास है कि गांव–गांव और पहाड़–पहाड़ से ऐसे ही चैंपियन निकलकर सामने आएँ
धामी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में
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खेल अवसंरचना को मजबूत करने,
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खिलाड़ियों के लिए बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएँ
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और प्रोत्साहन योजनाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
कोचों को मिला सम्मान, “खिलाड़ी की जीत के पीछे कोच का पसीना होता है”
इस मौके पर पवन बर्त्वाल के प्रशिक्षक –
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ललित मोहन कुंवर,
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सुरेश चंद शर्मा,
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और हरि कृष्ण बेलवाल भी मौजूद रहे।
सीएम धामी ने तीनों प्रशिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा –
“खिलाड़ी की गर्दन में जब मेडल चमकता है, तो उसके पीछे कोच के वर्षों का पसीना और त्याग होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि
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कोच,
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ट्रेनिंग स्टाफ,
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और सपोर्ट सिस्टम
सब मिलकर ही किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाते हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा: “ये शुरुआत है, मंज़िल ओलंपिक का पोडियम भी हो सकता है”
पवन बर्त्वाल की यह उपलब्धि सिर्फ एक मेडल भर नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए संदेश है जो कम संसाधनों, छोटे कस्बों और पहाड़ी इलाकों से निकलकर अपने सपनों को मुकाम देना चाहते हैं।
इस मुलाकात ने साफ संदेश दिया –
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अगर जज़्बा हो,
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मेहनत ईमानदार हो,
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और सिस्टम साथ खड़ा हो,
तो देवभूमि का हर बेटा–बेटी विश्व पटल पर अपनी पहचान बना सकता है।










