खटीमा/देहरादून, 25 जुलाई:
कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने न सिर्फ सैनिकों के दिलों को छू लिया, बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरव से भर दिया। राज्य सरकार ने परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को ₹50 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹1.5 करोड़ कर दिया है। 🎖️
यही नहीं, इन वीरों को हर साल ₹3 लाख की वार्षिक सहायता भी मिलती रहेगी।
यह घोषणा मुख्यमंत्री ने खटीमा में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में की। यह कार्यक्रम उनके स्वर्गीय पिता, सूबेदार शेर सिंह धामी की पुण्यतिथि के अवसर पर रखा गया था — जो स्वयं भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे।
🌄 देवभूमि से वीरभूमि तक:
मुख्यमंत्री ने भावुक स्वर में कहा, “उत्तराखंड न सिर्फ देवभूमि है, बल्कि वीरभूमि भी है। यहां हर गांव, हर परिवार से एक सपूत देश सेवा के लिए तैयार रहता है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि, “देश की सीमाएं हमारे जवानों की बहादुरी, अनुशासन और बलिदान से महफूज़ हैं।”
📜 इतिहास में दर्ज होगा यह फैसला:
इससे पहले जून 2022 में राज्य सरकार ने परमवीर चक्र विजेताओं की सहायता राशि को ₹30 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख किया था। अब जुलाई 2025 में उसे और ऊंचा उठाकर ₹1.5 करोड़ कर देना, यह दिखाता है कि राज्य सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत में काम कर रही है।
🔥 यह फैसला उन परिवारों के लिए भी सच्चा सम्मान है, जिन्होंने अपने बेटे, पति या पिता को देश पर न्यौछावर कर दिया।
🫡 कारगिल के शौर्य को नमन:
मुख्यमंत्री धामी ने कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “उनका बलिदान उत्तराखंड के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा रहेगा। ये वीर हमारे दिलों में हमेशा अमर रहेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर मजबूत और ठोस फैसले ले रही है।










