118वां अखिल भारतीय किसान मेला बना नवाचार और समृद्धि का संगम
🎯 पंतनगर, 13 अक्टूबर 2025:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पंतनगर विश्वविद्यालय में 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कहा कि “उत्तराखंड के किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय की नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण किया और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया। मेले में देशभर से आए 400 से अधिक स्टॉल और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने कृषि नवाचारों की झलक दिखाई।
🚜 किसानों को मिलेगा नया भरोसा, नई राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
प्रदेश के किसानों को अब तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80% तक सब्सिडी, और नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है।
साथ ही, पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये, गेहूं पर ₹20 प्रति क्विंटल बोनस और गन्ना मूल्य में ₹20 की वृद्धि किसानों के लिए बड़ी राहत हैं।
धामी ने बताया कि राज्य में ₹1000 करोड़ की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है, जिससे पहाड़ी खेती को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
🍎 सेब से ड्रैगन फ्रूट तक — बागवानी में नई दिशा
सीएम धामी ने कहा कि सरकार फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू कर चुकी है।
इन योजनाओं के तहत किसानों को 80% तक की सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने कहा — “हम चाहते हैं कि उत्तराखंड का हर किसान सिर्फ गुज़ारा न करे, बल्कि अपनी उपज से समृद्धि का प्रतीक बने।” 🌿
💬 किसान से लेकर छात्र तक, सबने रखी बात
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) पर संवाद भी किया।
उन्होंने कहा कि “UCC किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि समानता और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।”
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्राओं ने नीति निर्माण और किसान विकास पर अपने विचार रखे, जबकि स्थानीय किसानों ने सफलता की कहानियाँ साझा कीं।
🧑🌾 “कृषि ही विकास का इंजन है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि पारंपरिक खेती पर भी शोध करें ताकि “हमारी मिट्टी और परंपरा दोनों की ताकत” बनी रहे।
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि इस बार मेले में 507 स्टॉल लगे हैं और अब तक 20 हजार से अधिक किसान इसमें भाग ले चुके हैं।
🌱 “देवभूमि की धरती, मेहनतकश किसान — यही असली उत्तराखंड”
पंतनगर का यह कृषि मेला केवल फसलों और यंत्रों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ऐसी जनचेतना का मंच है जो उत्तराखंड की मिट्टी को नई पहचान दे रहा है।
जैसा कि सीएम धामी ने कहा — “जब किसान खुश होगा, तभी उत्तराखंड का भविष्य मजबूत होगा।” 🌾










