राजधानी दिल्ली में आयोजित अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब मंच संभाला, तो उनके शब्दों में गूंज थी आत्मविश्वास की, और दृष्टि थी ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की।
उन्होंने कहा — “एमएसएमई केवल उद्योग नहीं, बल्कि पहाड़ के लोगों के आत्मसम्मान और आजीविका की रीढ़ है।”
🛠️ एमएसएमई: कम पूंजी में बड़ा रोजगार, पहाड़ों की प्रगति का इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का एमएसएमई क्षेत्र (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विकास का प्रमुख इंजन है। इस क्षेत्र ने कम पूंजी में अधिकतम रोजगार सृजन करके राज्य की अर्थव्यवस्था को न सिर्फ मजबूती दी है, बल्कि पर्वतीय उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का काम भी किया है।
उन्होंने बताया कि आज उत्तराखंड में 78,826 एमएसएमई इकाइयाँ सक्रिय हैं, जिनमें से 57% इकाइयाँ पर्वतीय जिलों में हैं — यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की नीतियाँ पहाड़ों तक पहुँच बना रही हैं।
📈 2021 से अब तक 28,000 से अधिक नई इकाइयाँ — ₹4,000 करोड़ निवेश और 1.32 लाख रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक 28,370 नई एमएसएमई इकाइयाँ स्थापित हुई हैं। इनमें ₹4,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ और 1.32 लाख से ज़्यादा युवाओं को रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य की पारदर्शी शासन व्यवस्था, निवेशक हितैषी नीतियों और उद्यमशील वातावरण का परिणाम है।
💼 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: ₹3.56 लाख करोड़ के समझौते, 1 लाख करोड़ परियोजनाएँ ज़मीन पर
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट उत्तराखंड के औद्योगिक भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इस समिट में ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से लगभग ₹1 लाख करोड़ की परियोजनाएँ अब धरातल पर उतर चुकी हैं।
इन निवेशों से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
🚀 नीतियों में सुधार और पारदर्शिता का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने औद्योगिक नीति, एमएसएमई नीति, स्टार्टअप नीति और लॉजिस्टिक नीति जैसे कई सुधार लागू किए हैं।
साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों को सारी स्वीकृतियाँ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं — जिससे समय की बचत और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
🌄 ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’: पहाड़ के उत्पादों को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड सरकार ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड लॉन्च किया है।
इसके ज़रिए राज्य के पारंपरिक और जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
💬 धामी का विश्वास — “एमएसएमई दोगुना करेंगे उत्तराखंड का जीएसडीपी”
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र उत्तराखंड की जीएसडीपी को दोगुना करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा —
“ये क्षेत्र आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव रख रहा है, और हर छोटे उद्यमी की मेहनत ही राज्य के बड़े सपनों की कहानी लिख रही है।”










