मेरे सपनों का उत्तराखंड: 2.67 लाख विद्यार्थियों ने बताया कैसा हो उनका राज्य, 16 सितंबर को आएगा परिणाम

देहरादून | 26 अगस्त 2026

उत्तराखंड के भविष्य को लेकर स्कूली विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में अपनी सोच सामने रखी है। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में कक्षा 11वीं और 12वीं के 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध के जरिए प्रदेश के विकास को लेकर अपना विजन साझा किया है।

पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, वन एवं पर्यावरण समेत आठ प्रमुख विषयों पर मिले इन सुझावों का अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विशेषज्ञों की टीम मूल्यांकन कर रही है। 📝 अभियान के तहत श्रेष्ठ 140 विचारों का चयन किया जाएगा और उनके परिणाम 16 सितंबर को घोषित होंगे।

2.96 लाख विद्यार्थियों में से 2.67 लाख ने लिया हिस्सा

पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के कुल 2,96,426 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 2,67,744 विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में अपने विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से 24 अगस्त तक अपने विचार साझा कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने का आह्वान किया था।

आठ विषयों पर विद्यार्थियों ने रखी अपनी सोच

अभियान के तहत विद्यार्थियों से उत्तराखंड के भविष्य और विकास से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर विचार मांगे गए थे।

इनमें पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक समेत प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

इन निबंधों में विद्यार्थियों ने प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव और नए विचार प्रस्तुत किए हैं। अभियान के अनुसार, इन विचारों को नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर उनकी सोच के रूप में देखा जा रहा है।

पांच जिलों में 100 फीसदी विद्यार्थियों की भागीदारी

अभियान में कुछ जिलों में कक्षा 11वीं और 12वीं के सभी विद्यार्थियों ने अपने निबंध पोर्टल पर अपलोड किए हैं।

रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और चमोली में भागीदारी 100 प्रतिशत दर्ज की गई।

इसके अलावा पौड़ी में 98.82 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 97.46 प्रतिशत, हरिद्वार में 91.77 प्रतिशत, टिहरी में 91.57 प्रतिशत, बागेश्वर में 89.26 प्रतिशत, नैनीताल में 85.89 प्रतिशत और उत्तरकाशी में 84.93 प्रतिशत विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

देहरादून में 47,358 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

देहरादून जिले में कक्षा 11वीं और 12वीं के कुल 63,666 विद्यार्थी हैं। इनमें से 47,358 विद्यार्थियों ने अभियान के तहत अपने निबंध प्रस्तुत किए हैं।

140 विद्यार्थियों के विचारों पर होगी विशेष चर्चा

अब प्राप्त निबंधों और विचारों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विशेषज्ञों की टीम द्वारा अवलोकन और मूल्यांकन किया जा रहा है।

अभियान के तहत श्रेष्ठ 140 विचारों का चयन होगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी स्वयं भी इन विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उनके विजन, अनुभवों तथा सुझावों को सुनेंगे। 🎯

करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मिलेगा सहयोग

श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए केवल सम्मान और पुरस्कार की व्यवस्था ही नहीं की गई है, बल्कि उन्हें करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग सहित अन्य प्रोत्साहन दिए जाने की भी व्यवस्था है।

इस तरह अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी को उनके विचार साझा करने के साथ प्रोत्साहन से भी जोड़ा गया है।

हर प्रतिभागी को मिला डिजिटल प्रमाण पत्र

अभियान के पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया गया है।

इसके अलावा प्रत्येक ब्लॉक, विद्यालय और विद्यार्थी से संबंधित विवरण का डेटा भी संकलित किया गया है। अभियान के अनुसार, इससे पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने में मदद मिली है।

‘नई पीढ़ी की सोच को सुन रहे हैं’: धामी

अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने इसे नई पीढ़ी को राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने की पहल बताया। उनके अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने विचार साझा किए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों के विचारों में उत्तराखंड को नई दिशा देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी की सोच को सुना जा रहा है और युवाओं के अच्छे तथा व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड की कल्पना कर रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए। 🇮🇳