देहरादून के ITBP स्टेडियम, सीमा द्वार में बुधवार को पहाड़ की खुशबू और फलों की मिठास एक साथ महसूस की गई। सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे तो माहौल पूरी तरह स्थानीय रंग में रंग गया। अलग-अलग जिलों से आए किसानों से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने न सिर्फ उनके अनुभव सुने, बल्कि पहाड़ के माल्टा और नींबू की खटाई का स्वाद लेकर किसानों का हौसला भी बढ़ाया 🍊।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की जलवायु माल्टा उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है और इसमें अपार संभावनाएँ छिपी हुई हैं। इन्हीं संभावनाओं को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने ‘माल्टा मिशन’ शुरू करने की घोषणा की है 🎯। इस मिशन के जरिए माल्टा के उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की आमदनी बढ़ेगी और स्थानीय फलों को राष्ट्रीय पहचान हासिल होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल माल्टा तक सीमित नहीं है, बल्कि कीवी, सेब, आड़ू, पुलम, नींबू प्रजाति के फल और अन्य पारंपरिक पहाड़ी फलों के उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसे आयोजन किसानों और बाजार के बीच की दूरी कम करते हैं और बिचौलियों के बजाय किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का मजबूत माध्यम बनते हैं।
माल्टा महोत्सव के जरिए यह संदेश साफ दिखा कि पहाड़ की खेती अब सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में एक मजबूत कदम बन रही है। कार्यक्रम में आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।










