🚩 हर कदम पर सुरक्षा, हर मोड़ पर सेवा – उत्तराखंड तैयार है 2025 की ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा के लिए!

हरिद्वार | 
सावन की हरियाली में आस्था का सैलाब लाने वाली कांवड़ यात्रा अब एक नए और स्मार्ट युग में कदम रखने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ मेला 2025 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए – “कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि हो – सेवा में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए।”

🌿 इस बार का संदेश है – क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा।
हर घंटे सफाई, हर 2 किलोमीटर पर मोबाइल टॉयलेट, कुड़ा निस्तारण गाड़ियां, RO टैंकर और वाटर एटीएम – यह यात्रा अब केवल भक्ति नहीं, बल्कि पर्यावरण प्रेम का प्रतीक भी बनेगी।

🛡️ सुरक्षा के लिए तकनीक का साथ
मुख्यमंत्री ने ड्रोन, सीसीटीवी, और AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। GIS मैपिंग आधारित ट्रैफिक प्लान और संवेदनशील घाटों पर माइक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लागू होगा।

🧭 एक डिजिटल साथी – ‘उत्तराखंड कांवड़ सेवा एप’
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एक विशेष एप बनाया जाए जिसमें कांवड़ियों की जानकारी, सहायता केंद्र, रूट मैप और हेल्पलाइन नंबर हों। ये एप हर वर्ष कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सहायक होगा।

👣 कुंभ मेले की तैयारी का ट्रायल बनेगा कांवड़ मेला
सीएम धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा का अनुभव भविष्य में हरिद्वार कुंभ के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा। प्रशासन, पुलिस और तमाम विभागों को पूरी चौकसी के साथ तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

🚫 अतिक्रमण, ओवररेटिंग और अफवाहों पर सख्त कार्रवाई
ढाबों-होटलों को फूड लाइसेंस चस्पा करना अनिवार्य होगा। होटल मालिकों के नाम भी बोर्ड पर लिखे जाएंगे। ओवर रेटिंग या किसी भी तरह की अफवाह फैलाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

💤 कांवड़ियों के ठहरने की भी मुकम्मल व्यवस्था
रैन बसेरे, टेंट सिटी, टॉयलेट, हेल्थ सेंटर, मेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस हर 2-3 किमी पर होंगे। इसके अलावा “क्या करें और क्या नहीं करें” जैसी सूचनाएं प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाएंगी।

🌧️ आपदा प्रबंधन भी रहेगा अलर्ट
SDRF, NDRF की टीम तैनात रहेंगी, बारिश और भूस्खलन की चेतावनी प्रणाली पूरी तरह एक्टिव रहेगी। खोया-पाया केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

🗓️ 11 से 23 जुलाई तक चलेगा कांवड़ मेला
डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित ने बताया कि इस बार मेला 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए यातायात के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।

🔹 बैठक में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक समेत कई जनप्रतिनिधियों और शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी ज़िम्मेदारियों की रूपरेखा साझा की।