जागरण फोरम से मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट संदेश: उत्तराखंड अब फैसलों से चलता है, भ्रम से नहीं 🚩
उत्तराखंड आज केवल एक पहाड़ी राज्य नहीं, बल्कि संभावनाओं का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “जागरण फोरम” संवाद कार्यक्रम में कही। “उत्तराखंड: संभावनाओं का नया द्वार” विषय पर केंद्रित इस संवाद में मुख्यमंत्री ने सरकार के अब तक लिए गए ऐतिहासिक, साहसिक और दूरदर्शी निर्णयों की पृष्ठभूमि को स्पष्ट शब्दों में जनता के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का हर फैसला तात्कालिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड के दीर्घकालिक भविष्य, सामाजिक संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थायी विकास को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने ऐसे निर्णय लिए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत नींव साबित होंगे।
🗣️ संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
जागरण फोरम के दौरान पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार संवाद से भागने वाली नहीं है। जनता के सामने हर नीति और निर्णय का तर्क रखना सरकार की जिम्मेदारी है। पारदर्शिता ही सुशासन की असली पहचान है और उत्तराखंड उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
⚖️ समान नागरिक संहिता: समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के फैसले पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि यह निर्णय किसी वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने इस साहसिक निर्णय को लागू किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून से पहले व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक पहलुओं का गहन अध्ययन किया गया, ताकि समाज में समरसता बनी रहे और कानून सबके लिए समान हो।
🎓 शिक्षा में समानता: मदरसा बोर्ड भंग करने का निर्णय
मदरसा बोर्ड को भंग करने के फैसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा में समानता और पारदर्शिता लाना है। यह फैसला किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा, कौशल और राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लिया गया है।
सरकार चाहती है कि राज्य का हर बच्चा एक समान शिक्षा व्यवस्था में आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।
🛑 लैंड जिहाद और लव जिहाद पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री धामी ने लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की स्पष्ट और कठोर नीति को सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संरचना और जनसांख्यिकी की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि अब तक 10,000 एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। यह अभियान केवल जमीन वापस लेने का नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता और संसाधनों की रक्षा का संकल्प है।
🔒 सख्त धर्मांतरण रोधी कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि जबरन, लालच या साजिश के जरिए धर्मांतरण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सख्त कानून बनाकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द से कोई समझौता नहीं होगा।
👨🎓 27,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बीते साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार ने 27,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। यह पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और नकल विरोधी सख्त कानूनों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नौकरी देना नहीं, बल्कि योग्य युवाओं को ईमानदार अवसर देना है, जिससे प्रतिभा पलायन रुके और युवाओं का भरोसा सिस्टम पर मजबूत हो।
🚀 उत्तराखंड: संभावनाओं का नया द्वार
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था, स्पष्ट नीतियां और निर्णायक नेतृत्व के चलते उत्तराखंड निवेश, रोजगार और सामाजिक स्थिरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज उत्तराखंड सिर्फ सपने नहीं देख रहा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतार भी रहा है।
इस अवसर पर दैनिक जागरण समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी, संपादकीय प्रतिनिधि, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।










