💥 1. Operation True Promise III – जवाबी हमला
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14 जून की सुबह, ईरान ने अपने कोडनाम “Operation True Promise III” के तहत 150 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और दर्जनों ड्रोन इज़राइल की ओर दागे ।
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मिसाइलों की पहली लहर में टेल अवीव, रिषोन लेज़ियॉन और ईरूशलेम जैसे प्रमुख शहर निशाने पर रहे, जहाँ एयर-रेड सायरन बजे, विस्फोटों की गूँज से सन्नाटा टूट गया ।
🏥 2. नुकसान और जनहानि
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आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 3 नागरिक मरे, 22–60 लोग घायल हुए—कुछ रिपोर्ट्स ने 40–60 जबकि IDF की रिपोर्ट में 22 घायल बताए गए ।
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रिषोन लेज़ियॉन में एक मिसाइल घरों पर गिरी—वहाँ दो लोगों की मौत, 19 घायल, चार मकान क्षतिग्रस्त; वहीं टेल अवीव में भी एक महिला की मौत, सात लोग घायल।
🛡️ 3. Iron Dome का बचाव
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इज़राइल की Iron Dome और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलें इंटरसेप्ट कीं; अमेरिका द्वारा भी रॉकेट इंटरसेप्शन में मदद की गई—हालाँकि कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुँचीं।
🌍 4. क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
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जॉर्डन और लेबनान ने कुछ समय के लिए अपनी एयरस्पेस बंद की, जिसे बाद में खोल दिया गया ।
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यूएन महासचिव ने तुरंत शांति और कूटनीति की अपील की, जबकि ईरान ने पश्चिमी देशों द्वारा वार्ता की योजना को “बेकार” और “मानवाधिकारों का उल्लंघन” बताया ।










