गंगा तट की पावन वादियों में सोमवार सुबह एक अलग ही ऊर्जा और आध्यात्मिक उत्साह देखने को मिला। जनपद टिहरी के मुनिकीरेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में भव्य अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने प्रतिभाग कर योग की महत्ता पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। योग मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने का माध्यम है, जो व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन में योग को शामिल करें, क्योंकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग थकान और तनाव से मुक्ति का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग बन सकता है। 🎯
🌍 दुनिया के 180 से अधिक देशों में गूंज रहा योग का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग का प्रभाव पूरी दुनिया में फैल चुका है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया था।
आज स्थिति यह है कि दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है, जहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं।
🕉️ ऋषिकेश: विश्व की योग राजधानी
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्थित Rishikesh को आज पूरी दुनिया “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचानती है।
हर साल दुनिया के कोने-कोने से हजारों योग साधक यहां आकर योग, ध्यान और आध्यात्मिक साधना का अनुभव लेते हैं।
📅 7 दिन तक चलेगा योग और आध्यात्म का महोत्सव
Garhwal Mandal Vikas Nigam और Uttarakhand Tourism Development Board के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग परंपरा को विश्व तक पहुंचाने का माध्यम बना हुआ है।
इस वर्ष आयोजित 7 दिवसीय योग महोत्सव में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
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योग और प्राणायाम सत्र
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ध्यान और आध्यात्मिक प्रवचन
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आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा कार्यशालाएं
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Run for Yoga
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Heritage Walk
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अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन
इन गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है।
🏥 आयुष सेवाओं को भी मिल रहा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने योग नीति 2025 तैयार की है, जिसके तहत प्रदेश में योग और आयुष सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
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प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हो रहे हैं
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हर जिले में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं
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ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से आयुष विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन परामर्श भी दिया जा रहा है
इसके अलावा योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन विकसित किए जा रहे हैं।
🌄 गांव-गांव तक पर्यटन की नई पहल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड खोज योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य गढ़वाल क्षेत्र के हर गांव को पर्यटन से जोड़ना है, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
👥 हजारों योग साधकों की रही भागीदारी
पर्यटन मंत्री Satpal Maharaj ने कहा कि योग हमारी प्राचीन परंपरा का अमूल्य हिस्सा है और ऋषि-मुनियों ने योग साधना से अनेक सिद्धियां प्राप्त की थीं।
वन मंत्री Subodh Uniyal ने कहा कि आज योग के माध्यम से करोड़ों लोग स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
Prateek Jain ने बताया कि इस वर्ष योग महोत्सव में 2500 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है और इसे 150 योग संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी और अन्य संस्थानों के योग साधकों ने विभिन्न योग क्रियाओं का आकर्षक प्रदर्शन भी किया।








