हरिपुर कालसी | 18 सितंबर
हरिपुर कालसी में मां यमुना के पावन तट पर श्रद्धा और आस्था का भव्य दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ हरिघाट का लोकार्पण और मां यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में 2100 दीप प्रज्वलित किए गए। मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ मां यमुना की आरती में भी हिस्सा लिया। 🪔
मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी पहुंचकर मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही हरिघाट का लोकार्पण किया गया और मां यमुना कृष्ण मंदिर की आधारशिला रखी गई।
इस दौरान यमुना तट पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान कालसी का यमुना तट धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालसी इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी धरती है। मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को मजबूती देंगे।
उन्होंने मां यमुना कृष्ण मंदिर के शिलान्यास को कालसी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट 🪔
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मां यमुना के तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने भी एक दीया प्रज्वलित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने दीप जलाए। इस दौरान कुल 2100 दीपों से यमुना का पावन तट रोशनी से जगमगा उठा।
दीपों की रोशनी के बीच मुख्यमंत्री ने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ मां यमुना की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं को विकसित करने और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण तथा विकास पर भी सरकार ध्यान दे रही है।
पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिकी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ और पर्यटन स्थलों का विकास केवल पर्यटकों को सुविधाएं देने तक सीमित नहीं है। विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उन्होंने जौनसार-बावर की लोक संस्कृति, परंपराओं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य को उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, विकास के साथ इन परंपराओं और विरासत का संरक्षण भी प्राथमिकता है।
कालसी से जौनसार-बावर तक धार्मिक पर्यटन पर फोकस 🎯
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। चारधाम के साथ प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
इसी क्रम में कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है, ताकि यह प्रदेश के विकास और स्थानीय रोजगार का आधार बन सके।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।









