🌿 “धरती माँ का ऋण चुकाओ”: हरेला पर्व पर सीएम धामी ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा, पर्यावरण संरक्षण को बनाया जनआंदोलन

देहरादून, 17 जुलाई।
उत्तराखंड की धरती बुधवार को फिर से हरी हो उठी, जब पूरे प्रदेश में ‘हरेला’ पर्व को श्रद्धा, संस्कृति और संकल्प के साथ मनाया गया। “हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ”—इस थीम के साथ राज्यव्यापी पौधारोपण कार्यक्रम की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज परिसर, देहरादून से की। इस पावन अवसर पर उन्होंने रुद्राक्ष का पौधा रोपकर समस्त प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

🌱 हरेला: हमारी पहचान, हमारी प्रकृति
सीएम धामी ने कहा, “हरेला केवल एक पर्व नहीं है, यह उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और चेतना का प्रतीक है। यह पर्व हमें धरती से जुड़ने, पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों को निभाने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने बताया कि इस वर्ष हरेला पर्व पर लगभग 5 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें वन विभाग के हर डिवीजन में 50% फलदार पौधे शामिल होंगे।

🙌 जनसहभागिता से बना हर पौधा उम्मीद का बीज
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सरकार का नहीं, बल्कि जन-जन का है। इसमें स्वयंसेवी संगठन, छात्र-छात्राएं, महिला समूह और पंचायतें अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पेड़ बनना ही पौधारोपण की सच्ची सफलता है। जब तक पौधे वृक्ष न बन जाएं, तब तक उनकी देखभाल हम सबकी जिम्मेदारी है।”

🌎 प्रधानमंत्री की सोच से प्रेरणा, उत्तराखंड की पहल
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पंचामृत संकल्प’, ‘नेट ज़ीरो इमिशन’, ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार भी उन्हीं मूल्यों को आत्मसात कर कार्य कर रही है। देशभर में इस वर्ष 108 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

🚰 जल स्रोतों के लिए ठोस कदम: SARRA का गठन
सीएम ने बताया कि पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए राज्य में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से अब तक 6,500 से अधिक जल स्रोतों का संरक्षण और 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन किया गया है। इसके साथ ही, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और वाहनों में कूड़ेदान अनिवार्य किया गया है।

🌿 हर अवसर पर लगाएं एक पौधा – सीएम की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन के खास मौकों पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण एक जनांदोलन बन सके।

🙏 मंत्रीगणों और जनप्रतिनिधियों ने भी दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि श्रावण मास में हरेला पूजन के बाद वृक्षारोपण की परंपरा हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी दी कि प्रदेश के 2,389 स्थानों पर हरेला पर्व मनाया जा रहा है और बीते तीन वर्षों में लगाए गए पौधों का 80% से अधिक सर्वाइवल रेट रहा है।

💧 गिरते जल स्तर पर चिंता, संरक्षण की ज़रूरत
वन मंत्री ने यह भी कहा कि जल स्तर में गिरावट एक गंभीर चिंता का विषय है और इसके लिए पौधारोपण तथा जलधाराओं के संरक्षण के लिए सतत प्रयास करना होगा।

📸 कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
इस मौके पर विधायक सविता कपूर, श्री खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा समेत वन विभाग के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।