दून यूनिवर्सिटी में नए सत्र की शुरुआत, CM धामी बोले- बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने का साहस रखें

देहरादून | 14 अगस्त 2026

दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 और युवा संवाद कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की। नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्होंने युवाओं से बड़े लक्ष्य तय करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने का आह्वान किया।

इस मौके पर विश्वविद्यालय को कई नई सुविधाएं भी मिलीं। मुख्यमंत्री ने 11.20 करोड़ रुपये की लागत से बने बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और 17.39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। साथ ही दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 FM का शुभारंभ किया।

केंद्रीय पुस्तकालय अब बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के नाम पर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की घोषणा की।

उन्होंने कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के बेहतर संचालन के लिए कार्यक्रम समन्वयक और तकनीकी सहायक के 2 पद सृजित करने की भी घोषणा की।

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय को 2 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।

विदेशी भाषा विभाग होंगे मजबूत

दून विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा विभागों को मजबूत करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा कि इन विभागों के माध्यम से केवल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी कौशल आधारित शिक्षा देने में मदद मिलेगी।

स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चाईनीज और जापानी भाषा विभागों के लिए आवश्यक पदों का सृजन किया जाएगा।

युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। उनके अनुसार, जो युवा सपने देखने का साहस रखता है, उन्हें पूरा करने का संकल्प लेता है और मेहनत करने की क्षमता रखता है, वह देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी युवा आबादी विकसित भारत की मजबूत नींव है। युवाओं के लिए मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं।

धामी ने कहा कि युवा अब केवल नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

AI, मशीन लर्निंग और बिग डेटा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार का है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में काम कर रही है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में AI, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर भी फोकस

धामी ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर भी ध्यान दे रही है।

प्रदेश में नए महाविद्यालय और मॉडल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ महिला छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियों के जरिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी सरकार की ओर से सहयोग दिया जा रहा है।

UPSC, NDA और CDS की लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को इंटरव्यू की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने को प्राथमिकता दे रही है, जिसमें युवाओं की मेहनत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि इसी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

रोजगार के साथ स्वरोजगार पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की युवा विकास नीति केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना समेत विभिन्न योजनाओं के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

धामी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं।

विद्यार्थियों से बोले- अपनी क्षमताओं को पहचानें

मुख्यमंत्री ने नए विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने को कहा। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानने, नई सोच के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से लक्ष्य हासिल होने तक निरंतर प्रयास करते रहने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित दून विश्वविद्यालय के प्राध्यापक मौजूद रहे।