‘धर्मरक्षक धामी’ मंच से मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश: देवभूमि की अस्मिता, कानून और विकास पर कोई समझौता नहीं

देवभूमि की आवाज़, दिल्ली के मंच से 🎯

नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच पर पहुंचे, तो बात सिर्फ भाषण तक सीमित नहीं रही—यह देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता, कानून और विकास के संकल्प की स्पष्ट घोषणा थी।

मुख्यमंत्री ने बेहद संतुलित और स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य की मूल सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले समूहों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है।

📚 शिक्षा पर सख्ती, भविष्य पर भरोसा

शिक्षा से जुड़े फैसलों पर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि 1 जुलाई 2026 के बाद वही मदरसे संचालित होंगे, जो राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। अब तक 250 से अधिक ऐसे मदरसे बंद किए जा चुके हैं, जो तय मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा—“यह फैसला किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा देने के लिए है।”
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कट्टर सोच को देवभूमि में जगह नहीं मिलेगी, यहां शिक्षा के मंदिर खड़े होंगे।

🔍 सत्यापन, पारदर्शिता और सिस्टम की सफाई

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल मतदाता सूची का विषय नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से जुड़ा है। आयुष्मान योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अनुमान से अधिक खर्च ने सत्यापन की जरूरत को उजागर किया।
राशन कार्ड, आधार और वोटर कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है—उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को दुरुस्त करना है।

🛕 ‘धर्मरक्षक धामी’: देवभूमि का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा की गई सभी कार्रवाइयां पूरी तरह कानून के दायरे में हैं। अब तक करीब 600 अवैध ढांचों को हटाया गया, जिनमें किसी भी तरह के वैध अवशेष नहीं पाए गए। उन्होंने कहा—“देवभूमि के देवत्व और मूल स्वरूप की रक्षा करना मेरी प्राथमिकता ही नहीं, व्यक्तिगत संकल्प भी है।”

🗳️ चुनाव, संगठन और उपलब्धियां

आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन और सरकार पूरी सक्रियता से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड ने यूसीसी, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’, और स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में दूसरा स्थान हासिल कर चुका है।

🏔️ पर्यटन, कनेक्टिविटी और भविष्य की रफ्तार

पर्यटन क्षेत्र में उत्तराखंड को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी को राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया।
चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान, भव्य केदार–दिव्य केदार, हेमकुंड साहिब और केदारनाथ रोपवे परियोजनाएं तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।
दिल्ली–देहरादून एलीवेटेड रोड लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे सफर 2 से 2.5 घंटे में संभव होगा।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा—“सही नीयत, दृढ़ संकल्प और पारदर्शी शासन से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है। उत्तराखंड सरकार इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।”