मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से एक भरोसेमंद पहल जमीन पर उतरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत दिसंबर माह की पेंशन किश्त सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी। डी.बी.टी. प्रणाली के ज़रिये 09 लाख 43 हजार 964 जरूरतमंद परिवारों के खातों में 140 करोड़ 26 लाख 97 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की गई—बिना बिचौलियों, बिना देरी, पूरे भरोसे के साथ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में वृद्धजन, विधवाएं, दिव्यांगजन और निराश्रित सिर्फ आंकड़े नहीं, सरकार की प्राथमिकता हैं। यही वजह है कि पेंशन भुगतान को पूरी तरह डी.बी.टी. से जोड़ा गया है, ताकि हर पात्र व्यक्ति को समय पर, पारदर्शी और सम्मानजनक तरीके से सहायता मिले।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60 वर्ष की पात्रता से पहले ही तैयारी पूरी हो—59 वर्ष की आयु से चिन्हीकरण किया जाए, ताकि पात्र बनते ही भुगतान में एक दिन की भी देरी न हो। मुख्यमंत्री का संदेश साफ था: “कोई पात्र वंचित न रहे।” इसके लिए नियमित सत्यापन, सख़्त निगरानी और ज़मीनी फीडबैक को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार जनहित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है—जहां सहायता सिर्फ काग़ज़ों तक नहीं, बल्कि सीधे जीवन में सहारा बनकर पहुंचे।
इस अवसर पर निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।










