🎯 एकल महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संबल, CM धामी ने शुरू की ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’

देहरादून, मंगलवार।
मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आज एक ऐसा फैसला हुआ जिसने उत्तराखंड की हजारों एकल महिलाओं के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा दी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का औपचारिक शुभारंभ करते हुए 484 महिलाओं के खातों में ₹3 करोड़ 45 लाख 34,500 की पहली किश्त डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी।

यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को सलाम है, जो जीवन की कठिन राहों पर अकेले कदम बढ़ा रही हैं। 🌸


💰 पहले चरण में 6 जिलों की 484 महिलाओं को सीधा लाभ

पहले चरण में जिन जिलों की महिलाओं को सहायता राशि मिली, उनमें शामिल हैं:

  • 📍 बागेश्वर – 42 लाभार्थी

  • 📍 देहरादून – 191

  • 📍 नैनीताल – 75

  • 📍 पौड़ी – 66

  • 📍 टिहरी – 23

  • 📍 उधमसिंहनगर – 87

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शेष 7 जिलों की 540 महिलाओं को भी इस माह के अंत तक लगभग ₹4 करोड़ की सहायता डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।


👩‍💼 किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?

इस योजना में उन महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है जो—

  • विधवा

  • परित्यक्ता

  • तलाकशुदा

  • किसी कारणवश अकेले जीवन का भार उठा रही हैं

  • एसिड अटैक या आपराधिक घटना की पीड़िता

  • ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़ी महिलाएं

यह पहल समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है, जिन्हें अक्सर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


📊 योजना का स्वरूप: कितना मिलेगा अनुदान?

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री चंद्रेश यादव ने जानकारी दी कि—

  • अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजना स्वीकृत होगी

  • परियोजना लागत का 75% या अधिकतम ₹1.50 लाख (जो कम हो) तक सब्सिडी दी जाएगी

  • लाभार्थी को 25% स्वयं का अंशदान देना अनिवार्य होगा

यह मॉडल महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगा, साथ ही जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित करेगा।


🗣️ मुख्यमंत्री का संदेश: “महिला सशक्त होगी तो समाज सशक्त होगा”

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह योजना महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा,

“राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष को नई दिशा देने का यह प्रयास है। जब महिला सशक्त होती है, तो परिवार और समाज दोनों सशक्त होते हैं।”

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से व्यवसाय कर रही हैं।
प्रदेश की 1.68 लाख से अधिक बहनें ‘लखपति दीदी’ बनकर मिसाल कायम कर चुकी हैं।


🚀 महिला उद्यमिता को मिल रहा नया इकोसिस्टम

राज्य सरकार द्वारा—

  • ग्रामीण आजीविका मिशन

  • सशक्त बहना उत्सव योजना

  • महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना

  • मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना

जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया गया है।

सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण और समान नागरिक संहिता लागू करना भी राज्य की नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


🏛️ मंत्री रेखा आर्य का बयान

कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने कहा कि यह योजना एकल महिलाओं की तस्वीर बदलने का काम करेगी।

“अब महिलाएं किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि खुद आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी रोजगार देंगी।”