🌧️ आपदा की घड़ी में पहाड़ के प्रहरी बने सीएम धामी – 24×7 अलर्ट पर प्रशासन, हर जान की हिफाजत पहली प्राथमिकता

🌧️ आपदा की घड़ी में पहाड़ के प्रहरी बने सीएम धामी – 24×7 अलर्ट पर प्रशासन, हर जान की हिफाजत पहली प्राथमिकता

उत्तराखंड में बारिश कहर बनकर बरस रही है। ज़मीन खिसक रही है, सड़कें बह रही हैं, और किसी का इंतज़ार नहीं कर रही ये उफनती नदियाँ। मगर इस संकट की घड़ी में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोर्चा खुद संभाल लिया है। रविवार को IT पार्क स्थित आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर उन्होंने हर जिले की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की और साफ कहा – “यह समय अलर्ट पर रहने का है, लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं।” 🎯

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि आगामी दो माह तक शासन और प्रशासन की पूरी टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी। अफसरों को खुद ग्राउंड पर उतरकर व्यवस्थाएं देखने को कहा गया है।

🚩 चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अगले 24 घंटे के लिए यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। सीएम ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए और भोजन, दवा, बच्चों के लिए दूध जैसे सभी इंतजाम मुकम्मल हों।

🛑 बड़कोट में बादल फटा, रेस्क्यू मिशन युद्धस्तर पर

उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही के बीच 29 में से 20 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। दो शव बरामद हुए हैं जबकि बाकी की तलाश में NDRF, SDRF और जिला प्रशासन दिन-रात जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

🚑 गर्भवती महिलाओं के लिए अलग प्लान – सितंबर तक की मॉनिटरिंग

धामी सरकार ने एक मानवीय निर्णय लेते हुए सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि सितंबर तक जिन महिलाओं की डिलीवरी संभावित है, उनकी पूरी जानकारी एकत्र की जाए।

  • प्रसव से पहले अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

  • जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

🚧 सड़कों की मरम्मत और नदी-नालों का चैनलाइजेशन होगा तेज

बारिश के चलते जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें तुरंत खोलने का निर्देश भी दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में जेसीबी और उपकरण पहले से तैनात किए जाएंगे। सीएम ने कहा, “जहां भी खतरा है, वहां काम में देरी नहीं चलेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नदियों के किनारे और निर्माणाधीन स्थलों पर रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, IG राजीव स्वरूप सहित सभी ज़िलाधिकारी वर्चुअली जुड़े रहे।