संकट की घड़ी में स्यानाचट्टी पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, आपदा प्रभावितों को दिलाया हर संभव मदद का भरोसा

उत्तरकाशी जनपद के स्यानाचट्टी क्षेत्र में आपदा की मार झेल रहे लोगों के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। यमुना नदी में गडगाड़ गदेरे से आए भारी मलबे ने नदी का प्रवाह रोककर एक अस्थायी झील बना दी थी, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और डर का माहौल था। मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों से सीधा संवाद कर उन्हें हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया।

🌊 अस्थायी झील पर त्वरित कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने अस्थायी झील के मुहाने को चौड़ा कर पानी की निकासी तेज करने और नदी मार्ग से गाद हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को स्पष्ट कहा कि मलबा और जलभराव से हुए नुकसान का तत्काल आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, आलू की फसल खराब होने से किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए उचित मूल्य पर सरकारी खरीद की व्यवस्था करने को कहा।

🛤 सड़क और पुल बहाली पर जोर
मुख्यमंत्री ने कुपड़ा-कुंशाला पुल का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए। जब तक पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक पैदल मार्ग को व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जगह-जगह भूस्खलन से बंद पड़े रास्तों को तुरंत खोलकर यमुनोत्री मार्ग को सुचारू किया जाए, जिससे स्थानीयों और यात्रियों को राहत मिल सके।

👥 सरकार आपके साथ है
पीड़ितों से मिलते हुए सीएम धामी ने कहा—
“संकट की इस घड़ी में सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है। नुकसान का आंकलन कर प्रभावितों को जल्द से जल्द हरसंभव सहायता दी जाएगी।”

इस मौके पर पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, जिलाध्यक्ष बीजेपी नागेंद्र चौहान सहित प्रशासन और एसडीआरएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे।