देहरादून, 16 सितंबर 2025।
देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में लगातार हो रही अतिवृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इस भयावह स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात सीधे राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे और हालात का जायज़ा लिया।
🚨 युद्धस्तर पर राहत कार्य
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए –
“राहत-बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। हर प्रभावित तक मदद पहुंचनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि लापता लोगों की खोज और फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संसाधनों की पूरी ताकत झोंकी जाए।
💡 मूलभूत सुविधाओं पर फोकस
सीएम ने राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली की व्यवस्थित सप्लाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। पेयजल विभाग को साफ पानी की त्वरित आपूर्ति और उसकी गुणवत्ता की जांच पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग को आपदा के बाद संभावित बीमारियों के प्रति सतर्क रहने और तैयारी रखने के निर्देश दिए।
👏 SDRF और नागरिकों की सराहना
मुख्यमंत्री ने SDRF, पुलिस, स्वास्थ्यकर्मियों और नगर निगम की टीमों की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया जाएगा।
🌍 प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बातचीत
इस कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बात की और उत्तराखंड को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। केंद्र ने साफ कहा कि वह आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।
⚠️ आने वाले तीन दिन सतर्कता पर जोर
धामी ने सभी जिलाधिकारियों और प्रशासन को चेताया कि अगले तीन दिनों तक पूरे राज्य में अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ किया जाए और संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी रखी जाए।
📝 बैठक में उपस्थिति
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और अपने-अपने जनपदों की स्थिति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अंत में जनता से अपील की – “प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और किसी को भी अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।”










