सेलाकुई | उत्तराखंड
📢 उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय में पांच विकास योजनाओं पर काम आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुल ₹20.55 करोड़ की इन योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के प्रस्ताव की भी जानकारी दी गई।
🏥 प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर और नक्षत्र वाटिका का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में ₹20.21 करोड़ की लागत वाली तीन योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर और नक्षत्र वाटिका का निर्माण शामिल है। इसके अलावा ₹34 लाख की लागत वाली दो योजनाओं के तहत विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और दंत चिकित्सालय का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें कुशल चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और स्वास्थ्य पेशेवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता के साथ सेवा भावना, संवेदनशीलता और समर्पण भी जरूरी हैं।
उत्तराखंड में मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल भी संचालित किए जा रहे हैं।
देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण हो रहा है। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में ₹351 करोड़ की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर बनाया जा रहा है।
दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
🌏 जापान और जर्मनी में युवाओं को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए बताया कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण के माध्यम से वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला।
उन्होंने जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेकर जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली उत्तराखंड की सपना राणा का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा अपनी योग्यता और कौशल के दम पर विदेशों में भी अवसर प्राप्त कर रहे हैं। उत्तराखंड से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एम्स, पीजीआई, रेलवे और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस जैसे संस्थानों में भी सेवाएं दे रहे हैं।
युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं के विकास और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, डॉ. संजय गौड़, डॉ. गीता जैन सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।








