🎯 सीएम धामी ने अफसरों को चेताया, “समस्या हल होनी चाहिए, बहाने नहीं चलेंगे”

देहरादून | जुलाई 2025

“जनता की तकलीफें सिर्फ आंकड़े नहीं होतीं, वो हमारे दायित्व की परीक्षा होती हैं।” — उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ये जुमला बुधवार को सचिवालय में गूंजा, जब उन्होंने टिहरी लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा — “विधायक जो समस्याएं उठा रहे हैं, वे जमीनी हकीकत हैं। उन्हें पूरी गंभीरता से लिया जाए।” साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब हर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विधानसभाओं की योजनाओं की तीन महीने में एक बार व्यक्तिगत समीक्षा वे खुद करेंगे।

📌 जनता की शिकायतों पर फाइलें नहीं, काम चाहिए
बैठक में विधायकों ने सड़कों की दुर्दशा, अस्पतालों की बदहाली, ड्रेनेज, जलभराव, सीवरेज, और तटबंध जैसे मुद्दे सामने रखे। जवाब में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन समस्याओं का हल ‘अगले आदेश तक’ नहीं, बल्कि ‘अगले सप्ताह तक’ दिखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मानसून के बाद सभी निर्माण कार्यों को रफ्तार दी जाए, और हर योजना का नियमित अनुश्रवण (Monitoring) हो। लघु, मध्य और दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए विधायक सीधे प्रस्ताव भेजें ताकि योजनाएं ज़मीन पर उतर सकें, कागजों में नहीं।

🔍 305 घोषणाएं पूरी, बाक़ी पर तेज़ी से काम जारी

बैठक में खुलासा हुआ कि टिहरी लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी 469 घोषणाओं में से 305 पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, और बाकी पर तेज़ रफ्तार से काम चल रहा है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि विधायक जो समस्याएं उठा रहे हैं, उन पर तुरंत अमल हो। मंडलायुक्तों को कहा गया है कि वे विधायक, सचिव और डीएम के बीच सेतु बनकर संवाद में कोई रुकावट न आने दें।

🤝 जनप्रतिनिधि-प्रशासन साझेदारी होगी मज़बूत

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक अपर सचिव स्तर के अधिकारी को लिंक ऑफिसर की तरह नियुक्त किया जाएगा, जो जनता की समस्याओं और योजनाओं की निगरानी करेगा।

इस समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायकगण, प्रमुख सचिवगण, सचिवगण और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कुछ जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े।