CM धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की महत्वपूर्ण मुलाक़ात, सीमांत सुरक्षा और धार्मिक आस्था से जुड़े दो बड़े मुद्दे उठाए 🎯

नई दिल्ली में हुई एक औपचारिक मुलाक़ात में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से वह बातें रखीं, जो सीधे-सीधे उत्तराखंड की सीमाओं, सेना की ज़रूरतों और पहाड़ की आस्था से जुड़ी हैं।

इस शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने दो प्रमुख मांगें मजबूती से रखीं—
1️⃣ एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच देहरादून से न हटे
2️⃣ ग्वालदम–नंदकेसरी–थराली–देवाल–मुन्दोली–वाण मोटर मार्ग का रख-रखाव PWD के पास ही रहे


देहरादून का सामरिक महत्व, एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच यथावत रखने की मांग

मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को अवगत कराया कि एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच लंबे समय से देहरादून में बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रही है। चीन और नेपाल से सटी संवेदनशील सीमाओं वाला उत्तराखंड, सेना और सुरक्षा बलों के कई अहम ठिकानों की वजह से देश की सुरक्षा व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है।

धामी ने साफ कहा कि देहरादून केवल एक पहाड़ी राजधानी नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से रणनीतिक केंद्र बन चुका है। ऐसे में एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच को यहां से कहीं और शिफ्ट करना व्यावहारिक नहीं होगा और ना ही यह सुरक्षा दृष्टि से उचित कदम माना जाएगा।

उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि
👉 एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच को देहरादून से ही यथावत संचालित रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएँ,
ताकि रणनीतिक, प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़े कार्य बिना किसी व्यवधान के चलते रहें।


नंदा देवी राजजात यात्रा का जीवनधार मार्ग, PWD से न छिने रख-रखाव का काम

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने ग्वालदम–नंदकेसरी–थराली–देवाल–मुन्दोली–वाण मोटर मार्ग का मुद्दा भी विस्तार से उठाया। यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि पहाड़ की आस्था और परंपरा का जीवनधार है।

यह वही रास्ता है, जिससे होकर विश्वप्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा गुजरती है। अगली यात्रा वर्ष 2026 में प्रस्तावित है, ऐसे में मार्ग की स्थिति और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि—

  • यह सड़क धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से गहराई से जुड़ी है।

  • इस मार्ग से हज़ारों श्रद्धालु, स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक आवाजाही करते हैं।

  • इस रूट के रख-रखाव का कार्य अभी उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास है और इसे आगे भी वहीं पर बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।

उन्होंने तर्क दिया कि:
✅ स्थानीय परिस्थितियों की वास्तविक समझ PWD के पास है।
✅ स्थानीय स्तर पर समन्वय और त्वरित निर्णय PWD बेहतर ढंग से कर पाता है।
✅ न केवल नंदा देवी राजजात यात्रा, बल्कि स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही भी इसी पर निर्भर है।

धामी ने आग्रह किया कि भविष्य में भी इस मार्ग का अनुरक्षण और रख-रखाव PWD के पास ही रहे, ताकि यात्रा के समय आपात स्थितियों से लेकर सामान्य रख-रखाव तक हर काम तेज़ी से हो सके।


रक्षा मंत्री का सकारात्मक आश्वासन

मुख्यमंत्री की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों विषयों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।

इस मुलाक़ात को उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि—

  • एक ओर यह सीमांत सुरक्षा और सामरिक ढांचे से जुड़ा सवाल है,

  • तो दूसरी ओर यह धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और ग्रामीण जीवन से जुड़े मार्ग की सुरक्षा और सुविधा का मामला है।

यदि इन दोनों मांगों पर केंद्र से अनुकूल निर्णय आता है, तो यह उत्तराखंड के लिए सुरक्षा, आस्था और विकास—तीनों स्तर पर राहत और मजबूती लेकर आएगा। 🎯