परेड ग्राउंड में युवाओं के बीच पहुंचे सीएम धामी, परीक्षा प्रकरण की सीबीआई जांच पर दिया भरोसा

देहरादून। परेड ग्राउंड में सोमवार को आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अंदाज़ बिल्कुल अलग था। गर्मी और त्योहारी सीजन के बीच धरना दे रहे युवाओं के बीच सीएम धामी ने खुद पहुंचकर न केवल उनका दर्द सुना बल्कि सबसे बड़ी मांग—सीबीआई जांच—को स्वीकार कर लिया।

सीएम ने कहा, “सरकार का संकल्प साफ है—परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।” उन्होंने भावुक होकर कहा कि वो खुद छात्रों और युवाओं के संघर्ष को नजदीक से समझते हैं। “मैं जानता हूं, उत्तराखंड का युवा पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के सपनों को संजोता है। ऐसे में उसका विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है।”

👉 मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रकरण की जांच फिलहाल हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी कर रही है। लेकिन चूंकि युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, इसलिए सरकार ने तय किया है कि इस मामले की संस्तुति सीबीआई को भेजी जाएगी।

“कार्यालय में नहीं, धरना स्थल पर आया हूं”

सीएम धामी ने कहा कि बातचीत दफ्तर में भी हो सकती थी, लेकिन उन्होंने खुद निर्णय लिया कि युवाओं के बीच जाकर उनकी बात सुनना ज्यादा ज़रूरी है। “मैं आपके बीच इसलिए आया हूं ताकि किसी के मन में यह शंका न रहे कि सरकार युवाओं की आवाज़ से दूर है।”

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अगर आंदोलन के दौरान युवाओं पर कोई मुकदमे दर्ज हुए हैं, तो उन्हें वापस लिया जाएगा।

युवाओं की भूमिका सबसे अहम

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव यहां के युवा ही रखेंगे। “अमृतकाल के विकसित भारत में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है और इसमें युवाओं की सबसे अहम भूमिका होगी।”

धरना स्थल पर मुख्यमंत्री का अचानक पहुंचना युवाओं के बीच विश्वास और भरोसे का एक अलग ही संदेश छोड़ गया।