मुख्यमंत्री धामी की दिल्ली यात्रा में दिखा उत्तराखण्ड का सपना, पीएम मोदी से मांगी बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मदद
नई दिल्ली की सर्दियों में जब राजनीतिक गलियारों में हलचल कम होती है, तब उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपनी विकास यात्रा को एक नई गति देने पहुंचे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दरवाज़े। ये सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि उत्तराखण्ड की आशाओं, परंपराओं और भविष्य की योजनाओं से जुड़ा एक ठोस संवाद था।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को कार्तिक स्वामी मंदिर का सुंदर प्रतिरूप, आदि कैलाश यात्रा पर आधारित कॉफ़ी टेबल बुक और राज्य के पारंपरिक उत्पाद जैसे धारचूला का कनार घी, पुरोला का लाल चावल, बासमती चावल, काला जीरा, गंध रैण, जम्बू और देसी शहद भेंट किए — एक तरफ उत्तराखण्ड की समृद्ध विरासत का प्रतीक, तो दूसरी ओर आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम।
🎯 धामी ने रखीं ज़मीन से जुड़ी मांगे, भविष्य की सोच के साथ:
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर तथा चंपावत में शारदा कॉरिडोर को केदारनाथ-बदरीनाथ धाम की तर्ज़ पर विकसित करने के लिए CSR के माध्यम से फंडिंग की मांग की।
उत्तराखण्ड को टेक्नोलॉजी के नक्शे पर चमकाने की दिशा में भी बड़ी पहल हुई — ऊधमसिंह नगर के नेपा फार्म को सेमीकंडक्टर हब बनाने का प्रस्ताव सामने रखा गया। वहीं, दिल्ली-मेरठ RRTS को हरिद्वार तक बढ़ाने और टनकपुर-बागेश्वर व ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं को रफ्तार देने की भी अपील की गई।
🛕 आस्था और पर्यटन का मेल:
उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक आत्मा — नंदा राजजात यात्रा, जो 2026 में आयोजित होगी — उसके लिए पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना विकास के लिए ₹400 करोड़ की सहायता मांगी गई। मुख्यमंत्री ने पीएम को खुद इस महायात्रा में आमंत्रित किया।
इसके साथ ही, हरिद्वार महाकुंभ 2027 के लिए भी तैयारियां तेज़ हैं। पुलों की मरम्मत, शौचालय, जल आपूर्ति, पार्किंग से लेकर विद्युत लाइनों को भूमिगत करने तक का खाका तैयार है। इसके लिए ₹3500 करोड़ की मांग रखी गई।
🌿 प्रकृति और जल की संवेदनशील बातें:
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से पिण्डर-कोसी लिंक योजना को केंद्र की विशेष योजना के तहत लेने का अनुरोध किया, जिससे बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल के 625 गांवों को पेयजल और सिंचाई का लाभ मिल सके। साथ ही, हिमालय की गोद में स्थित चौरासी कुटिया को पुनर्स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से मंज़ूरी दिलाने की अपील की।
⚡ ऊर्जा और रोज़गार की दिशा में नई पहल:
राज्य की 5 जल विद्युत परियोजनाओं (कुल 596 मेगावाट) के विकास को मंजूरी देने की मांग की गई है, जो प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जा सकती हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए केंद्र सरकार हर स्तर पर सहयोग देगी। उन्होंने चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, जल जीवन मिशन, राजजात यात्रा और कुम्भ 2027 की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली।










