देहरादून, 5 अगस्त 2025 —
उत्तराखंड की पहाड़ियों से लेकर गांवों की गलियों तक अब केवल गूंजेगी “लखपति दीदी नहीं, अब करोड़पति दीदी चाहिए!”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को नया लक्ष्य दिया है — सिर्फ रोजगार नहीं, अब सशक्तिकरण की क्रांति।
📍सोमवार को सचिवालय से वर्चुअल संवाद में मुख्यमंत्री ने राज्यभर के महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी लाखों महिलाओं से सीधा संवाद किया। उनके बनाए उत्पादों, मुनाफे, डिजिटल मार्केटिंग और आत्मनिर्भरता पर चर्चा हुई।
🌾 उत्तराखंड की नारी: बदलाव की सबसे बड़ी संवाहक
मुख्यमंत्री धामी ने साफ़ कहा,
“महिलाएं सिर्फ घर की रसोई नहीं, अब राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेंगी।”
उन्होंने SHG की महिलाओं से अपील की कि वे अपनी सफलता की कहानियों को और फैलाएं, सुझाव दें और राज्य को अपने अनुभवों से समृद्ध करें।
🧵 सरकारी कार्यक्रमों में अब सिर्फ ‘बहनों के बनाए’ उत्पाद
धामी सरकार ने आदेश दिए हैं कि सभी सरकारी आयोजनों में अब केवल महिला SHG द्वारा बनाए गए शॉल, स्मृति चिन्ह, भेंट सामग्री आदि ही उपयोग में लाए जाएं।
🎯 यह कदम सिर्फ प्रतीक नहीं, बल्कि मातृशक्ति के लिए स्थायी रोज़गार की गारंटी बनेगा।
🛠 प्रशिक्षण से लेकर पैकेजिंग तक – सबकुछ होगा प्रोफेशनल
📌 हर ज़िले में ग्रोथ सेंटर बनाए जाएंगे जहां महिलाओं को आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा।
📌 SHG के उत्पाद ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और ‘Hilans’ ब्रांड के तहत बिकेंगे।
📌 क्वालिटी कंट्रोल, बेहतरीन पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
💻 डिजिटल इंडिया की नारी शक्ति
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि SHG उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाए। इससे न केवल बाज़ार बढ़ेगा, बल्कि महिलाओं की आय भी सीधे प्रभावित होगी।
📊 आंकड़े जो दिल से जुड़ते हैं
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उत्तराखंड में 68,000 SHG,
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5 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय
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7,000 ग्राम्य संगठन
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500+ क्लस्टर संगठन
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27 हज़ार स्टॉल,
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7 करोड़ रुपये की बिक्री (2023)
🚉 रेलवे स्टेशन तक पहुंचा महिलाओं का हुनर
‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर SHG के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष केंद्र बनाए गए हैं।
🧁 सशक्त बहना उत्सव योजना बना क्रांति की शुरुआत
2023 में रक्षाबंधन पर शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना ने महिलाओं को स्टॉल्स लगाने, खुद से विपणन करने और स्वराज की भावना को आत्मसात करने का अवसर दिया।
🧵 मुख्यमंत्री की मातृशक्ति से भावुक अपील
“आपकी इस यात्रा में, आपका ये बेटा, आपका ये भाई – पूरी शक्ति, पूरी निष्ठा और पूरे समर्पण से हमेशा साथ रहेगा।”










