देवभूमि की मिट्टी से सीधे जुड़कर सरकार कैसे काम कर रही है—इसका सजीव उदाहरण शुक्रवार को रायपुर ब्लॉक के खैरीमान सिंह में देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत खुद गांव पहुंचे, शिविर का निरीक्षण किया और प्रशासन के कामकाज की जमीनी हकीकत परखी।
न्याय पंचायत स्तर पर लगे इस बहुद्देश्यीय शिविर में मुख्यमंत्री ने न सिर्फ विभागीय स्टॉलों का जायज़ा लिया, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ‘प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम के तहत लोगों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए की गई व्यवस्थाओं को मुख्यमंत्री ने बारीकी से देखा और जरूरी सुधारों के संकेत दिए।
शिविर के दौरान 102 दिव्यांगों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। यह पल कई चेहरों पर राहत और भरोसे की मुस्कान लेकर आया—मानो सरकार सचमुच उनके द्वार तक पहुंची हो।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जन-समस्याओं का समाधान सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि वह त्वरित, पारदर्शी और आमजन को संतोष देने वाला हो। उन्होंने कहा कि इस अभियान की आत्मा यही है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे—और इसके लिए संवेदनशीलता व जिम्मेदारी सबसे ज़रूरी है 🎯।
शिविर में विधायक उमेश शर्मा, ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरि गिरि, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शिविर में सक्रिय दिखाई दिए।









