🚧 स्वाला डेंजर जोन पहुँचे सीएम धामी: “जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है, 2026 तक निर्बाध चलेगा चम्पावत-टनकपुर मार्ग”

चम्पावत की ऊँची पहाड़ियों में जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को पहुँचे, तो उनके चेहरे पर चिंता नहीं — दृढ़ता झलक रही थी। टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वाला डेंजर जोन में लगातार भूस्खलन से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री ने खुद ज़मीन पर उतरकर हालात का जायज़ा लिया।

मुख्यमंत्री ने भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी, मलबे की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था और सड़क की स्थिरता को ग्राउंड ज़ीरो से परखा। उन्होंने साफ कहा —

“जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संपर्क मार्ग किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होना चाहिए।”


🏗️ 2026 तक मिलेगा स्थायी समाधान

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री को इलाके की भौगोलिक स्थिति, मलबे की मात्रा और जल प्रवाह दिशा की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि “स्वाला डेंजर जोन के लिए एक स्थायी और तकनीकी समाधान तैयार किया जाए, जिससे भविष्य में यातायात कभी बाधित न हो।”

उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 तक यह मार्ग पूर्णतः निर्बाध और सुचारु हो जाएगा — जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को राहत मिलेगी।


🛠️ राहत और मॉनिटरिंग पर फोकस

मुख्यमंत्री ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर समय जेसीबी, मशीनरी और मानव संसाधन तैयार रहें, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन से कहा कि “गांवों को समय-समय पर जानकारी दी जाए और आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।”


🌄 सीमांत इलाकों की जीवनरेखा बनेगा यह मार्ग

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत-टनकपुर मार्ग न सिर्फ क्षेत्रीय आवागमन का साधन है, बल्कि सीमांत इलाकों की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा भी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार संवेदनशील स्थलों के स्थायी भू-वैज्ञानिक समाधान पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि उत्तराखंड की सड़कें हर मौसम में सुचारु रहें।